मणिपुर का अद्भुत फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक: एक अनोखा अनुभव
चंपू खंगपोक: एक तैरता हुआ गांव
क्या आपने कभी किसी ऐसी जगह की यात्रा की है, जहां कदम रखते ही जमीन हिलने लगे? ऐसा महसूस हो जैसे आप चल नहीं रहे, बल्कि तैर रहे हैं। मणिपुर का फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक ऐसा ही एक स्थान है। इस लेख में, हम आपको इस अद्भुत और रोमांचक जगह के बारे में जानकारी देंगे।
फ्लोटिंग विलेज की विशेषताएँ
भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित चंपू खंगपोक एक तैरता हुआ गांव है, जो प्रसिद्ध लोकटक झील पर बसा हुआ है। यह झील लगभग 240 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। यहां के निवासी पानी के साथ जीने की कला में माहिर हैं, जिससे आप यहां पानी पर चलते हुए लोगों, तैरते हुए घरों और द्वीपों का दृश्य देख सकते हैं।
डगमगाती जमीन का रहस्य
चंपू खंगपोक के तैरने का रहस्य कोई जादू नहीं है, बल्कि यह विज्ञान का परिणाम है। यहां की जमीन चट्टान या मिट्टी से नहीं बनी, बल्कि यह फुम्डी नामक प्राकृतिक सामग्री से बनी है। फुम्डी जमीन जड़ों, सड़े हुए पौधों, मिट्टी और जैविक पदार्थों की परत से निर्मित होती है।
घर की लोकेशन में बदलाव
यहां के निवासियों के घरों को फुमशंग कहा जाता है, जो अपनी स्थिति को बदलते रहते हैं। चूंकि ये घर फुम्डी पर बने होते हैं, पानी के बहाव और हवा के दबाव के कारण इनकी लोकेशन में बदलाव होता रहता है। यही वजह है कि चंपू खंगपोक अपनी इस अनोखी विशेषता के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है।
तैरता हुआ नेशनल पार्क
इस अद्भुत गांव के अलावा, आप लोकटक झील में तैरते हुए कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क का भी अनुभव कर सकते हैं। यह पार्क विष्णुपुर जिले में स्थित है और लोकटक झील के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां विलुप्त हो रहे संगाई हिरणों का एकमात्र आवास स्थल है।
