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योग से पुरुषों की फर्टिलिटी में सुधार: नई स्टडी के निष्कर्ष

हाल ही में एक अध्ययन में यह पाया गया है कि योग का नियमित अभ्यास पुरुषों की प्रजनन क्षमता को बेहतर बना सकता है। इस अध्ययन में बताया गया है कि योग से स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार होता है और ऑक्सीडेटिव तनाव कम होता है। जानें इस अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष और योग के अन्य लाभों के बारे में।
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योग का प्रभाव पुरुषों की फर्टिलिटी पर

योग का अभ्यास स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है, यह तो सभी जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग करने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता में सुधार हो सकता है? यह जानकारी 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ योग' में प्रकाशित एक अध्ययन से सामने आई है। इस अध्ययन में बताया गया है कि योग से स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार होता है, ऑक्सीडेटिव तनाव और डीएनए क्षति का खतरा कम होता है।


दुनिया भर में 15% से अधिक जोड़े पुरुषों की प्रजनन क्षमता की समस्याओं से जूझ रहे हैं, और इन मामलों में लगभग आधे पुरुषों से संबंधित कारणों के चलते होते हैं। यह अध्ययन एम्स के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया था। डॉक्टर प्रभाकर तिवारी, डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर रीमा दादा और अंजलि यादव ने 12 हफ्तों के योग कार्यक्रम का विश्लेषण किया, जो प्राथमिक बांझपन से प्रभावित पुरुषों पर केंद्रित था। शोधकर्ताओं ने पाया कि योग करने वाले पुरुषों में सीमिनल ऑक्सीडेटिव तनाव, स्पर्म की गुणवत्ता और डीएनए के फ्रेग्मेंटेशन में सुधार हुआ है।


पुरुषों में बांझपन के प्रमुख कारण

डॉक्टर रीमा दादा ने इस अध्ययन में बताया कि पुरुषों में बांझपन के मुख्य कारणों में अस्वस्थ जीवनशैली, मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन, तनाव, प्रदूषण, माइक्रो नैनो प्लास्टिक, और देर से विवाह करना शामिल हैं। ये सभी कारक माइटोकॉन्ड्रिया को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ता है और स्पर्म को हानि होती है।


इस अध्ययन में 78 पुरुषों को शामिल किया गया था, जिनकी उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच थी। इनमें से 42 पुरुषों ने 12 हफ्ते का योग कार्यक्रम पूरा किया। इन पुरुषों को सप्ताह में 5 दिन एक घंटे का योग करना था, जिसमें योग आसन, श्वसन व्यायाम, ध्यान और विश्राम तकनीक शामिल थीं। अध्ययन में यह पाया गया कि इन पुरुषों को योग करने से लाभ हुआ है, उनके ऑक्सीडेटिव तनाव और डीएनए क्षति में कमी आई है।


योग के लाभ

योग करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं:


  • तनाव हार्मोन में कमी
  • एंटीऑक्सीडेंट डिफेंस सिस्टम में सुधार
  • रक्त संचार में वृद्धि
  • सूजन में कमी


डॉक्टर रीमा दादा के अनुसार, ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण स्पर्म की गुणवत्ता प्रभावित होती है और डीएनए क्षति होती है। यदि आप 6 महीने तक नियमित रूप से योग करते हैं, तो आप ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकते हैं। इसके साथ ही, एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, संतुलित आहार लेना, पर्याप्त नींद लेना और धूम्रपान एवं शराब का सेवन छोड़ना भी आवश्यक है।