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वर्क फ्रॉम होम: मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ता अकेलापन

कोविड-19 के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन यह मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। एक नई अध्ययन में पाया गया है कि घर से काम करने वाले लोग अक्सर अकेलेपन का अनुभव कर रहे हैं। इस अध्ययन में 5,00,000 लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया है, जो यह दर्शाता है कि वर्क फ्रॉम होम से जुड़े नुकसानों के प्रति जागरूकता की कमी है। जानें इस विषय पर और क्या कहती है रिसर्च।
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वर्क फ्रॉम होम: मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ता अकेलापन

वर्क फ्रॉम होम का बढ़ता चलन


कोविड-19 के बाद, 'वर्क फ्रॉम होम' और दूरस्थ कार्य करने के तरीकों में काफी वृद्धि हुई है। जबकि यह कुछ लोगों के लिए जीवन को सरल बनाता है, वहीं कई व्यक्तियों को अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, अत्यधिक गर्मी, ठंड और बढ़ते प्रदूषण जैसे कारक भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। हालाँकि, एक नई अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि यह कार्य संस्कृति पूरी तरह से लाभकारी नहीं है; वास्तव में, शोध से पता चलता है कि यह अकेलेपन की भावना को बढ़ावा दे रहा है।


वर्क फ्रॉम होम और मानसिक स्वास्थ्य

**वर्क फ्रॉम होम का मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव**


एक हालिया अध्ययन में, *साइंस* जर्नल में प्रकाशित, वर्क फ्रॉम होम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बताया गया है। अध्ययन का निष्कर्ष है कि लगातार घर से काम करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करके और अकेलेपन को बढ़ाकर।


विशाल सर्वेक्षण का निष्कर्ष

**5,00,000 लोगों पर आधारित अध्ययन**


इस अध्ययन में 2011 से 2024 के बीच किए गए सर्वेक्षण के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें लगभग 5,00,000 अमेरिकी शामिल थे (2020-2021 के महामारी काल को छोड़कर)। सर्वेक्षण में दो प्रकार की नौकरियों को शामिल किया गया: एक, जो कहीं से भी की जा सकती हैं, और दूसरी, जिनके लिए ऑफिस में उपस्थित रहना आवश्यक है।


अध्ययन में घर से काम करने के कोई ठोस लाभ नहीं मिले। इसके विपरीत, शोध में पाया गया कि लोग अक्सर अपने कार्यदिवस को अकेले बिताते हैं, जिससे अकेलेपन की भावना बढ़ती है। मानसिक स्वास्थ्य के उपचार के लिए जाने वाले लोगों की संख्या भी अधिक थी। इसके अलावा, अध्ययन में यह भी पाया गया कि घर से काम करने वाले 58% व्यक्तियों ने घंटों अकेले बिताए, जबकि 72% ने पूरे दिन बिना किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत किए काम किया। शोध यह भी दर्शाता है कि दूरस्थ कार्यकर्ता सामाजिक संपर्क के प्रति कम इच्छुक होते हैं।


घर से काम करने के नुकसानों की अनभिज्ञता

**लोगों की जानकारी की कमी**


एक अध्ययन में यह पाया गया है कि लोग घर से काम करना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें इससे जुड़े नुकसानों के बारे में कम जानकारी होती है। नतीजतन, यह शोध दूर से काम करने वाले व्यक्तियों के बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य पर प्रकाश डालता है।