हाथ और पैरों की त्वचा को जवां रखने के 5 प्रभावी तरीके
त्वचा की उम्र बढ़ने के संकेतों से बचें
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, चेहरे के साथ-साथ हाथों और पैरों की त्वचा पर भी उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। विशेष रूप से 30 वर्ष की आयु के बाद, त्वचा में ढीलापन आ सकता है और यह पहले की तुलना में कम टाइट महसूस होने लगती है। लेकिन, एक सही स्किनकेयर रूटीन और कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों के माध्यम से, आप अपनी त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और युवा बनाए रख सकते हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट के सुझाव
प्रसिद्ध डर्मेटोलॉजिस्ट नीरा नाथन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में हाथ और पैरों की त्वचा की देखभाल के कुछ उपाय साझा किए हैं। आइए जानते हैं कि किन बातों का ध्यान रखकर आप अपनी बॉडी स्किन की इलास्टिसिटी को बनाए रख सकते हैं।
1. धूप से बचाव करें
यदि आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और युवा दिखे, तो सबसे पहले उसे सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से बचाना आवश्यक है। लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे समय के साथ त्वचा में ढीलापन और उम्र बढ़ने के अन्य लक्षण प्रकट हो सकते हैं।
इसलिए, जब भी आप बाहर जाएं, केवल चेहरे पर ही नहीं, बल्कि हाथों, पैरों और गर्दन जैसे खुले हिस्सों पर भी ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना न भूलें। इसे समय-समय पर फिर से लगाना भी आवश्यक है, खासकर जब आप लंबे समय तक बाहर रह रहे हों।
2. एक्सफोलिएशन को शामिल करें
डेड स्किन सेल्स को हटाने और त्वचा की सतह को स्मूद रखने के लिए एक्सफोलिएशन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। डर्मेटोलॉजिस्ट ने बॉडी स्किन के लिए ग्लाइकोलिक एसिड जैसे केमिकल एक्सफोलिएंट का उपयोग करने की सलाह दी है।
ग्लाइकोलिक एसिड त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन सेल्स को हटाने और सेल टर्नओवर को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। इसे हाथों और पैरों पर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन शुरुआत में कम मात्रा और कम फ्रीक्वेंसी से करना बेहतर है। यदि आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो उपयोग से पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
3. रेटिनॉल का उपयोग
रेटिनॉल केवल चेहरे की स्किनकेयर तक सीमित नहीं है। इसे शरीर के कुछ हिस्सों पर भी लगाया जा सकता है। यह त्वचा के सेल टर्नओवर को बढ़ावा देने के साथ-साथ कोलेजन से संबंधित प्रक्रियाओं में भी मदद कर सकता है।
हालांकि, रेटिनॉल कुछ लोगों की त्वचा में सूखापन, जलन या लालिमा पैदा कर सकता है। इसलिए, इसे शरीर पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है। साथ ही, रेटिनॉल का उपयोग करते समय धूप से बचाव और मॉइस्चराइजर का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
4. कोलेजन सप्लीमेंट्स पर सलाह लें
डर्मेटोलॉजिस्ट ने त्वचा की इलास्टिसिटी और टोन को सपोर्ट करने के लिए कोलेजन सप्लीमेंट्स का भी उल्लेख किया है। कुछ अध्ययनों में हाइड्रोलाइज्ड कोलेजन सप्लीमेंट्स के त्वचा की नमी और इलास्टिसिटी पर संभावित लाभ देखे गए हैं।
हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए सप्लीमेंट समान रूप से प्रभावी हो। इसलिए, किसी भी कोलेजन सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
5. समग्र स्वास्थ्य का ध्यान रखें
हाथ और पैरों की त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए केवल कॉस्मेटिक उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि जैसी आदतों पर भी ध्यान दें। यदि त्वचा में अचानक अधिक ढीलापन, असामान्य परिवर्तन या कोई अन्य समस्या दिखाई दे, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।
