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हार्ट अटैक के लक्षण: सीने में दर्द के बिना भी हो सकता है खतरा

हार्ट अटैक के लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह हमेशा सीने में दर्द के साथ नहीं आता। विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं और बुजुर्गों में अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। जानें कि किन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और समय पर चिकित्सा सहायता क्यों आवश्यक है। इसके साथ ही, खान-पान की आदतों का भी हार्ट स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर जानकारी प्राप्त करें।
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हार्ट अटैक की पहचान


हार्ट अटैक के बारे में गलत जानकारी जानलेवा साबित हो सकती है। सीने में दर्द इस स्थिति का सबसे सामान्य संकेत माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हार्ट अटैक बिना इस लक्षण के भी हो सकता है? आइए जानते हैं विशेषज्ञों की राय।


तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता

हार्ट अटैक के लिए तात्कालिक चिकित्सा सहायता आवश्यक होती है। आमतौर पर इसे सीने में दर्द के माध्यम से पहचाना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह लक्षण हमेशा मौजूद नहीं होता। यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।


विशेषज्ञ की सलाह

डॉ. अमर सिंघल, जो कार्डियोलॉजी के निदेशक हैं, बताते हैं कि हार्ट अटैक बिना सीने में दर्द के भी हो सकता है। यह स्थिति अक्सर अधिक खतरनाक होती है क्योंकि लोग अन्य लक्षणों को पहचान नहीं पाते। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज के रोगियों में हार्ट अटैक के दौरान सीने में तेज दर्द के अलावा अन्य लक्षण भी प्रकट हो सकते हैं।


ध्यान देने योग्य लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार, हार्ट अटैक के अन्य लक्षणों में अचानक सांस फूलना, अत्यधिक थकान, ठंडे पसीने आना, चक्कर आना, जी मिचलाना या उल्टी होना, बेचैनी और जबड़े, गर्दन, पीठ या बाएँ हाथ में दर्द या भारीपन महसूस होना शामिल हैं। कई लोग इन लक्षणों को गैस, कमजोरी या सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे उपचार में देरी हो सकती है।


समय पर इलाज की महत्ता

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक ये लक्षण महसूस हों और वे कुछ मिनटों तक बने रहें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। हार्ट अटैक के दौरान समय पर उपचार बहुत महत्वपूर्ण है; जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुँचता है, दिल की मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को उतना ही कम किया जा सकता है। इसलिए, भले ही सीने में दर्द न हो, इन शारीरिक संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


खान-पान का ध्यान रखें

डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश भारतीयों के लिए जंक फूड के बिना दिन अधूरा होता है। हालांकि, ऐसी खान-पान की आदतें रक्त वाहिकाओं में 'बैड कोलेस्ट्रॉल' का स्तर बढ़ा देती हैं। LDL या बैड कोलेस्ट्रॉल वाहिकाओं में क्रिस्टल के रूप में जमा हो जाता है, जिससे थक्के बनते हैं और रक्त का प्रवाह रुकता है। यह हार्ट अटैक के प्रमुख कारणों में से एक है।