अंकुश लांबा की प्रेरणादायक यात्रा: संघर्ष से सफलता तक
अंकुश लांबा की प्रेरणादायक यात्रा
अंकुश लांबा की प्रेरणादायक यात्रा: जीवन में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो सब कुछ बदल देते हैं। अंकुश के लिए वह क्षण तब आया जब उनके पिता ने कर्ज में डूबने की स्थिति में कहा कि उन्होंने परिवार को जीते जी मार डाला है। इस बात ने अंकुश को तोड़ने के बजाय प्रेरित किया।
आज, अंकुश हजारों छात्रों को पढ़ा रहे हैं और उन्हें अपने सपनों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि गलतियों का होना बुरा नहीं है, बल्कि उनसे उबरने की कोशिश न करना बुरा है।
कॉलेज के दिनों में भटकाव
अंकुश ने रोंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से शिक्षा प्राप्त की। प्रारंभिक वर्षों में उनका प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन दूसरे वर्ष में स्वास्थ्य खराब होने और गलत संगत के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होने लगी। इस दौरान उनकी बैक लगनी शुरू हुई और यह उनके लिए कठिन समय बन गया।
कर्ज में डूबे परिवार की स्थिति
गलत आदतों ने उन्हें 25 लाख रुपये के भारी कर्ज में डाल दिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उनकी बहन की एफडी और माता-पिता की बचत भी इसमें चली गई। जब उनके पिता को यह पता चला, तो उनके गुस्से और निराशा ने अंकुश को झकझोर दिया, लेकिन यही झकझोरना उनकी ताकत बन गया।
पिता की प्रेरणा से बने बैंक PO
पिता की तीखी बातों ने अंकुश में खुद को साबित करने की इच्छा जगाई। थोड़ी झिझक के बाद, पिता ने उनकी मेहनत को देखा और कोचिंग की फीस भरी। उनकी मेहनत रंग लाई और अंकुश ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में PO पद पर नौकरी हासिल की।
सरकारी नौकरी छोड़कर टीचिंग में करियर
सरकारी नौकरी मिलने के बावजूद अंकुश संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि उनका असली जुनून टीचिंग था। एक बड़े संस्थान से अवसर मिलने पर उन्होंने प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी छोड़कर अपने जुनून को चुना। आज, वह एक प्रमुख रीजनिंग एजुकेटर के रूप में पहचान बना चुके हैं, अपने पिता का कर्ज चुका चुके हैं और अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हजारों छात्रों को बैंकिंग परीक्षाओं में सफलता दिला चुके हैं।
