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अभिषेक कुमार की प्रेरणादायक यात्रा: कैसे बने एक्साइज इंस्पेक्टर

अभिषेक कुमार की कहानी एक प्रेरणा है, जो कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने में सफल हुए। अमरोहा के इस युवा ने अपने पिता को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली और मेहनत से सरकारी नौकरी हासिल की। जानें उनकी संघर्ष और सफलता की यात्रा के बारे में।
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प्रेरणादायक यात्रा:


कई बार जीवन में ऐसे हालात सामने आते हैं, जो इंसान को चुनौतियों का सामना करने पर मजबूर कर देते हैं। अमरोहा के अभिषेक कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक किसान परिवार में जन्मे अभिषेक ने छोटी उम्र में अपने पिता को खो दिया और परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। उन्होंने घर चलाने के लिए कंस्ट्रक्शन साइट पर काम किया, लेकिन सरकारी नौकरी का सपना उनके दिल से कभी नहीं गया।


पिता के निधन के बाद जीवन में आया बदलाव

अभिषेक अमरोहा के एक गरीब किसान परिवार से हैं। उनके पिता खेती करके परिवार का पालन करते थे। 2018 में, जब अभिषेक 12वीं कक्षा में थे, तब उनके पिता का निधन शुगर की बीमारी के कारण हो गया। परिवार में उनकी मां, एक छोटी बहन और एक भाई थे। पिता के जाने के बाद, अभिषेक को कम उम्र में ही परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।


श्रमिक होने के बावजूद पढ़ाई नहीं छोड़ी

परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिषेक ने दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करना शुरू किया। दिनभर मेहनत करने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई का इंतजाम किया और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। घर में बिजली नहीं होने के कारण, उन्होंने चार्जिंग लैंप का सहारा लिया और पड़ोस में उसे चार्ज कराकर रात में पढ़ाई की।


महंगी कोचिंग की कमी को मोबाइल से पूरा किया

अभिषेक के परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह महंगी कोचिंग का खर्च उठा सकें। इसलिए, उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध ऑनलाइन सामग्री का उपयोग किया। दिन में काम करने के बाद, रात को मोबाइल पर लाइव और रिकॉर्डेड कक्षाएं देखी। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने अपनी तैयारी को निरंतर जारी रखा।


SSC CGL रिजल्ट ने बदल दी उनकी जिंदगी

लंबे संघर्ष के बाद, SSC CGL 2022 की अंतिम चयन सूची में अभिषेक कुमार का नाम आया। उन्हें कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के प्रतिष्ठित पद पर चयनित किया गया। जिस युवा के कंधों पर कभी परिवार चलाने की जिम्मेदारी थी, अब उसी के कंधों पर तीन स्टार वाली वर्दी सजी। सफलता के बाद, अभिषेक ने राकेश यादव सर से मुलाकात की, और उनकी आंखों में वर्षों की मेहनत के बाद मिली सफलता की खुशी साफ नजर आई।