एक इंजीनियर की प्रेरणादायक सफलता की कहानी
सफलता की कहानी:
करियर की शुरुआत अक्सर वैसी नहीं होती जैसी हम कल्पना करते हैं। कुछ लोगों को तुरंत अच्छी नौकरी मिल जाती है, जबकि दूसरों को छोटे स्तर से शुरुआत करनी पड़ती है। एक इंजीनियर की कहानी इस बात का उदाहरण है। टियर 3 कॉलेज से पढ़ाई करते हुए, उन्होंने फाइनल ईयर में 11 बैकलॉग का सामना किया और पहली नौकरी में केवल 8 हजार रुपये मासिक वेतन प्राप्त किया। इसके बावजूद, उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और धीरे-धीरे तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
कमजोर शुरुआत, लेकिन स्पष्ट लक्ष्य
कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंजीनियर ने अपनी कहानी रेडिट पर साझा की थी। फाइनल ईयर में 11 बैकलॉग थे, जिनमें से उन्होंने अंतिम सेमेस्टर में छह पास किए। ग्रेजुएशन के बाद, उन्हें लखनऊ की एक छोटी स्टार्टअप कंपनी में एम्बेडेड डेवलपर के रूप में नौकरी मिली। उनकी पहली सैलरी केवल 8 हजार रुपये थी, लेकिन उन्होंने अधिक वेतन की बजाय इंडस्ट्री में प्रवेश और अनुभव को प्राथमिकता दी। यही सोच उनके करियर की नींव बनी।
नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी
स्टार्टअप में काम शुरू करने के बाद भी, उन्होंने अपनी पढ़ाई को नहीं छोड़ा। फुल टाइम काम के साथ-साथ उन्होंने बाकी परीक्षाओं की तैयारी की और छह महीने में बचे हुए पांच बैकलॉग भी पास कर लिए। 2022 में उनकी डिग्री पूरी हुई। लगभग 11 महीने के स्टार्टअप अनुभव में, उन्होंने एम्बेडेड सिस्टम्स, डिवाइस ड्राइवर्स, योक्टो और डिवाइस फ्लैशिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक तकनीकी आधार मिला।
6 लाख से शुरू हुआ अगला बड़ा कदम
स्टार्टअप के बाद, उन्होंने हैदराबाद में लगभग 6 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी जॉइन की। इस भूमिका में उनका काम धीरे-धीरे साइबर सिक्योरिटी की दिशा में बढ़ने लगा। इसके बाद, बेंगलुरु की एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी में लगभग 8 लाख रुपये सालाना पैकेज पर काम मिला। यहां उन्हें टेलीविजन और गेमिंग कंसोल से जुड़े क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने लगभग साढ़े तीन साल लगातार काम करते हुए अपनी तकनीकी समझ और अनुभव को मजबूत किया।
8 लाख से 12 लाख, फिर 20 लाख तक पहुंचे
लगातार काम और सीखने का असर उनकी कमाई पर भी दिखा। बेंगलुरु की कंपनी में अनुभव हासिल करने के दौरान उनका पैकेज बढ़कर लगभग 12 लाख रुपये सालाना हो गया। इसके बाद, वह दोबारा हैदराबाद लौटे और एक भारतीय मल्टीनेशनल कंपनी में लगभग 20 लाख रुपये सालाना पैकेज पर शामिल हुए। यहां उन्हें एक कोरियाई ऑटोमोटिव कंपनी के साथ काम करने का मौका मिला। उनके करियर की गति अब शुरुआती दौर की तुलना में काफी बदल चुकी थी।
20 लाख की नौकरी भी छोड़ी, यहीं आया असली मोड़
नई कंपनी में लगभग चार महीने काम करने के बाद, उन्हें लगा कि तकनीकी विकास उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रहा है। इसके बाद, उन्होंने एक बार फिर जोखिम उठाया और नौकरी बदलने का फैसला किया। यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन वह अपने पसंदीदा तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते थे। लगातार सीखने, विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव लेने और बेहतर भूमिका तलाशने की कोशिश ने अंततः उनके करियर को एक बड़ा मौका दिया।
50 लाख का पैकेज बताता है कि शुरुआत ही सब कुछ नहीं
आखिरकार, इंजीनियर ने एक अमेरिकी कंपनी जॉइन की, जहां उन्हें सीनियर इंजीनियर की भूमिका मिली और सालाना पैकेज लगभग 50 लाख रुपये बताया गया। 8 हजार रुपये महीने की पहली सैलरी से शुरू हुई यह यात्रा कई युवाओं के लिए प्रेरणा देती है। 11 बैकलॉग के बावजूद, उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की, नौकरी के साथ कौशल बढ़ाया और जरूरत पड़ने पर जोखिम लिया।
