मुख्यमंत्री धामी ने बैंकर्स समिति की बैठक में वित्तीय समावेशन पर जोर दिया
बैठक में बैंकों की भूमिका पर चर्चा
उत्तराखंड: राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार, वित्तीय समावेशन, निवेश और उद्योग में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी कारण सरकार बैंकों के सहयोग को प्राथमिकता देती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक में सीएम ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को प्रदेश में ऋण जमा अनुपात (Credit Deposit Ratio) को बढ़ाने पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कम ऋण-जमा अनुपात वाले जिलों में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे जिलों में कम ऋण-जमा अनुपात पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि नियमित लोन शिविर आयोजित किए जाएं ताकि पात्र लाभार्थियों को बैंकिंग सुविधाएं आसानी से मिल सकें। सीएम ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आम जनता को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए।
सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 97वीं बैठक में अधिकारियों को प्रदेश के ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) में वृद्धि हेतु प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कदम उठाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से जिन जनपदों में ऋण-जमा अनुपात कम है, वहां नियमित ऋण शिविर आयोजित कर पात्र लाभार्थियों… pic.twitter.com/FEZ7sW07ct
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 9, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बैंकों का योगदान राज्य और देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, वित्तीय समावेशन, निवेश और उद्योग में महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बैंकों के सहयोग से एमएसएमई और होम स्टे सेक्टर में काफी प्रगति हुई है। कुछ जिलों में और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है ताकि रोजगार सृजन हो सके और महिलाओं को प्राथमिकता दी जा सके।
सीएम ने यह भी कहा कि कुछ दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए। सरकार की प्राथमिकता है कि मातृशक्ति और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। इससे साइबर ठगी से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक से पहले उप समिति की नियमित बैठक आयोजित की जाए ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके।
