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BRICS Summit में भारतीय व्यंजनों का जादू: जानें क्या होगा खास गाला डिनर में

BRICS Summit 2023 में भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर में भारतीय व्यंजनों की विविधता का अद्भुत प्रदर्शन होगा। इस मेन्यू में उत्तर से दक्षिण भारत के खास व्यंजन शामिल हैं, जो न केवल स्वाद में लाजवाब हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाते हैं। मोटे अनाजों का विशेष स्थान होगा, जिसमें रागी, ज्वार और बाजरे से बने व्यंजन शामिल हैं। इस शाही मेन्यू की तैयारी में महीनों की मेहनत लगी है, जिसमें हर प्रतिनिधि की पसंद और स्वास्थ्य का ध्यान रखा गया है। जानें इस खास आयोजन में और क्या होगा खास!
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गाला डिनर में स्वाद और कूटनीति का संगम


नई दिल्ली: भारत मंडपम के भव्य प्रांगण में 12-13 सितंबर को जब 13 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के राष्ट्राध्यक्ष और 26 अंतरराष्ट्रीय मेहमान एकत्रित होंगे, तो उनकी नजरें केवल द्विपक्षीय वार्ताओं और समझौतों पर नहीं होंगी। इस अवसर पर एक विशेष मेज सजाई जाएगी, जहां स्वाद और कूटनीति का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। यह मौका है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के 'गाला डिनर' का, जहां 'डिनर डिप्लोमेसी' के माध्यम से विश्व नेताओं के बीच संबंधों को मजबूत किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भोजन केवल स्वाद का नहीं, बल्कि देश की प्रतिष्ठा का भी प्रतीक होता है। इस भव्य मेन्यू की तैयारी पिछले दो-तीन महीनों से चल रही है।


भारत की सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत प्रदर्शन

स्वादिष्ट मेन्यू की झलक


इस बार का मेन्यू विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिसमें उत्तर भारत की सुगंधित ग्रेवी से लेकर दक्षिण भारत की समृद्ध नारियल और तड़के वाली डिशेज का समावेश होगा। कश्मीर का लजीज पुलाव, हैदराबाद की प्रसिद्ध बिरयानी, दक्कनी स्वाद का तड़का और दक्षिण भारतीय स्ट्यू इस अंतरराष्ट्रीय भोजन की शोभा बढ़ाएंगे। इसके साथ ही लखनवी कबाबों की नफासत और तंदूरी व्यंजनों का स्वाद विदेशी मेहमानों को भारत के विभिन्न क्षेत्रों का जायका प्रदान करेगा।


मिलेट्स को मिलेगा विशेष स्थान

श्री अन्न का दबदबा


वैश्विक मंच पर भारतीय मोटे अनाज 'श्री अन्न' का महत्व एक बार फिर उजागर होगा। स्वास्थ्य और परंपरा के संतुलन को दर्शाते हुए रागी, ज्वार और बाजरे से बने व्यंजन मुख्य मेन्यू का हिस्सा होंगे। नाश्ते में गरमा-गरम रागी डोसा, बाजरा उपमा और मिलेट पोंगल परोसा जाएगा। मेहमानों को तरोताजा रखने के लिए पारंपरिक छाछ और ठंडे नारियल पानी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, नाश्ते और स्नैक्स में महाराष्ट्र की खस्ता भाकरवड़ी, राजस्थान की मिनी कचौड़ी, बंगाल का कुचो निमकी, तमिलनाडु का कुरकुरा मुरुक्कू और कश्मीरी मसालेदार अखरोट शामिल किए गए हैं। इस मेन्यू का सबसे खास आकर्षण है 'एडिबल लोटस', जिसे गुलाब की पंखुड़ियों, केसर और इलायची के मेल से तैयार किया गया है।


शाही मेन्यू की तैयारी में महीनों की मेहनत

खास तैयारी का खाका


अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भोजन केवल स्वाद का नहीं, बल्कि यह देश की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा होता है। इस शाही मेन्यू को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पिछले दो-तीन महीनों से चल रही थी। विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और विशेष रूप से गठित प्रोटोकॉल कमेटी की देखरेख में इसे तैयार किया गया है। हर प्रतिनिधि और राष्ट्राध्यक्ष की व्यक्तिगत पसंद, सांस्कृतिक प्राथमिकताएं और स्वास्थ्य संबंधी एलर्जी का बारीकी से अध्ययन किया गया है। खाने की गुणवत्ता, शुद्धता और सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है, ताकि भारतीय मेहमाननवाजी की अमिट छाप छोड़ी जा सके।