ओपन पोर्स और टेक्सचर्ड स्किन: जानें कैसे करें देखभाल
ओपन पोर्स की समस्या को समझें
चेहरे पर छोटे-छोटे पोर्स होना एक सामान्य बात है। हालांकि, कुछ व्यक्तियों की त्वचा पर ये पोर्स अधिक बड़े या स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं। विशेष रूप से नाक और गालों के आस-पास ओपन पोर्स और स्किन टेक्सचर अधिक ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। इससे चेहरा असमान नजर आता है, और कई लोग इसे छिपाने के लिए मेकअप या प्राइमर का उपयोग करते हैं। लेकिन, एक उचित स्किनकेयर रूटीन अपनाकर पोर्स की दृश्यता और स्किन टेक्सचर को कम किया जा सकता है। स्किनकेयर विशेषज्ञ निपुण कपूर ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में ओपन पोर्स और टेक्सचर्ड स्किन की पहचान और देखभाल के कुछ उपाय साझा किए हैं।
पहचानें ओपन पोर्स या टेक्सचर बंप्स
पहले यह जानना आवश्यक है कि चेहरे पर जो समस्या है, वह ओपन पोर्स हैं या छोटे टेक्सचर बंप्स। इसके लिए, चेहरे की त्वचा को हल्के हाथ से खींचकर देख सकते हैं। यदि त्वचा को खींचने पर पोर्स कम दिखाई देते हैं, तो ये सामान्य पोर्स हो सकते हैं। लेकिन, यदि खींचने पर भी छोटे बंप्स या उभार नजर आते हैं, तो यह टेक्सचर की समस्या हो सकती है।
यदि स्किन पर टेक्सचर बंप्स हैं
टेक्सचर्ड स्किन के लिए, निपुण कपूर ने 2% सैलिसिलिक एसिड और 10% एजेलिक एसिड जैसे सक्रिय तत्वों का उपयोग करने की सलाह दी है। रात में चेहरे को साफ करने के बाद इन सक्रिय तत्वों को स्किनकेयर रूटीन में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना आवश्यक है। यदि आप किसी नए सक्रिय तत्व का उपयोग कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे शुरुआत करना बेहतर होता है।
नाक और गालों पर पोर्स की अधिकता
यदि नाक और गालों के आसपास पोर्स अधिक दिखाई देते हैं, तो स्किनकेयर विशेषज्ञ ने रात के रूटीन में सैलिसिलिक एसिड और नियासिनामाइड को शामिल करने की सलाह दी है। सैलिसिलिक एसिड त्वचा में अतिरिक्त ऑयल और पोर्स में जमा गंदगी को साफ करने में मदद करता है। वहीं, नियासिनामाइड त्वचा की बैरियर को मजबूत करने और स्किन को अधिक समान दिखाने में सहायक होता है। इन सक्रिय तत्वों के उपयोग के बाद मॉइस्चराइजर लगाना भी आवश्यक है, ताकि त्वचा अधिक सूखी या इरिटेट न हो।
एक्टिव्स का उपयोग करते समय ध्यान देने योग्य बातें
हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, और यह जरूरी नहीं कि हर सक्रिय तत्व सभी की त्वचा पर सूट करे। इसलिए, सैलिसिलिक एसिड, एजेलिक एसिड या नियासिनामाइड का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। यदि किसी उत्पाद के उपयोग के बाद जलन, खुजली, अधिक लालिमा या लगातार इरिटेशन हो, तो उसका उपयोग बंद कर दें। एक साथ कई सक्रिय तत्वों का उपयोग करने के बजाय, धीरे-धीरे स्किनकेयर रूटीन में शामिल करना बेहतर होता है। इसके अलावा, दिन में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का उपयोग करना भी स्किनकेयर रूटीन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ध्यान रखें कि चेहरे के पोर्स पूरी तरह से गायब नहीं होते, क्योंकि ये त्वचा की सामान्य संरचना का हिस्सा हैं। सही स्किनकेयर का उद्देश्य उन्हें खत्म करना नहीं, बल्कि उनकी दृश्यता को कम करना और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखना होना चाहिए।
