कसोल: हिमाचल प्रदेश का मिनी इजराइल
कसोल: एक अद्भुत यात्रा स्थल
घुमक्कड़ लोग अक्सर पहाड़ों की ओर जाने का मन बनाते हैं। जब हिमाचल प्रदेश का नाम लिया जाता है, तो बर्फ से ढके पहाड़, घने देवदार के जंगल, खूबसूरत घाटियां और शांत वातावरण की छवि सामने आती है। यह क्षेत्र न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के लिए भी प्रसिद्ध है.
कसोल को क्यों कहते हैं 'मिनी इजराइल'?
कसोल, जो कुल्लू जिले में स्थित है, एक छोटा सा हिल स्टेशन है जिसे 'मिनी इजराइल' के नाम से भी जाना जाता है। पार्वती नदी के किनारे बसा यह गांव इजराइली पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बन गया है। यह नई दिल्ली से लगभग 550 किलोमीटर दूर है.
कहा जाता है कि इजरायली पर्यटक सेना में सेवा या प्रशिक्षण के बाद इस गांव की ओर रुख करते हैं, जिससे इसे 'मिनी इजराइल' का नाम मिला। यहां की दुकानों और कैफे के नाम हिब्रू में लिखे होते हैं, और सड़कों पर हिब्रू में बने संकेत और इजराइली झंडे आमतौर पर देखे जा सकते हैं।
कसोल में यात्रा का अनुभव
यहां इजराइल के नागरिकों से मिलने का मौका मिलता है, जिससे आप बातचीत कर सकते हैं। इजराइली झंडे और पोस्टर यहां की पहचान बन चुके हैं। इसके अलावा, कई दुकानों पर इजराइली भोजन भी उपलब्ध है। स्थानीय लोग भी इजराइली पर्यटकों से बातचीत करने के लिए कुछ हिब्रू शब्दों का उपयोग करते हैं.
कसोल कैसे पहुंचें?
कसोल जाने के लिए आप गाड़ी या बस का सहारा ले सकते हैं। यदि आप अकेले यात्रा करना चाहते हैं, तो 1000 रुपये में घूमकर आ सकते हैं। दिल्ली, चंडीगढ़ और मनाली से भुंतर तक नियमित बसें उपलब्ध हैं। भुंतर से कसोल के लिए बस या शेयरिंग टैक्सी ले सकते हैं, जो केवल 30 किलोमीटर की दूरी पर है.
