Newzfatafatlogo

अमेरिका का ईरान पर नया सैन्य हमला, खाड़ी में तनाव बढ़ा

अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस हमले का उद्देश्य ईरान की समुद्री गतिविधियों को कमजोर करना है। ईरान ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
 | 

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव

तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका ने रविवार को ईरान पर एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि इस हमले का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई, ताकि ईरानी बलों को उनके कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके।


ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के प्रयासों को कमजोर किया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश अपनी भूमि या सैन्य ठिकानों का उपयोग ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करता है, तो ऐसे ठिकानों को आत्मरक्षा के तहत 'वैध सैन्य लक्ष्य' माना जा सकता है।


ईरान ने मस्कट में हुई वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को भी खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से संबंधित था, न कि अमेरिका के द्वारा किए गए दावों पर। इसके अलावा, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताते हुए महासचिव और सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।


सेंटकॉम ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सेना ने रविवार शाम को ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू किए। इनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और वाणिज्यिक पोतों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना था।


अमेरिकी कार्रवाई के बाद, दक्षिणी ईरान के जास्क, बंदर अब्बास और सीरिक शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, हमलों के बाद इन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया।


इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात क्षेत्रीय शांति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। गुटेरेस ने दोनों देशों से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने और कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की।


इससे पहले शनिवार को भी अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ इस सप्ताह के तीसरे दौर के हमले किए थे। सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई थी।


अमेरिकी सेना का दावा है कि जमीन, समुद्र और हवा से किए गए समन्वित अभियान में लगभग 140 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक अड्डे, हथियार भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र शामिल हैं।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के दावों के बावजूद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही जारी है।