उत्तर भारत में लू का अलर्ट, मानसून की प्रगति जारी
उत्तर भारत में गर्मी और लू की चेतावनी
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार उत्तर भारत तक नहीं पहुंची है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 11-12 जून के दौरान दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
हालांकि, मौसम विभाग ने 8 से 11 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। दिन के तापमान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 से 12 जून के दौरान हल्की बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11-12 जून को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। फिर भी, 9 से 10 जून के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और 9 से 11 जून तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू चलने की आशंका जताई गई है।
राजस्थान में मौसम की स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान में 7 जून को तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है, जहां हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके बाद 8 से 12 जून तक पश्चिमी राजस्थान में भीषण लू चलने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 6 से 12 जून के दौरान हल्की बारिश और 7 से 12 जून तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 7 से 12 जून तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हिमाचल प्रदेश में 6-8 जून और 11-12 जून के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में 6 से 12 जून तक बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में 12 जून तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 जून तक, जबकि विदर्भ में अगले तीन दिन आंधी-तूफान के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 8 से 12 जून तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।
दूसरी ओर, देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। IMD के अनुसार, मानसून ने 6 जून को अरब सागर के पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य हिस्सों, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों, तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों के साथ-साथ मिजोरम और मणिपुर तक अपनी पहुंच बनाई है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के और अधिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके बाद के 4 से 5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर भारत व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ और हिस्सों में पहुंचने की संभावना है।
