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15 वर्षीय लड़की को पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी के बाद मिल रही धमकियां

नोएडा में एक 15 वर्षीय लड़की को पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के बाद जान से मारने और दुष्कर्म की धमकियां मिल रही हैं। इस मामले में लड़की और उसकी मां को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्हें तीन बार अपना घर बदलना पड़ा है। वकील ने बताया कि सोशल मीडिया पर लड़की के बारे में कई झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। पीएम मोदी ने इस मामले में माफी देने की बात कही है, लेकिन परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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नोएडा में बढ़ती मुश्किलें

नोएडा: जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय लड़की की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सार्वजनिक माफी मांगने और प्रधानमंत्री द्वारा माफ किए जाने के बावजूद, इस किशोरी और उसकी मां को लगातार जान से मारने और दुष्कर्म की गंभीर धमकियां मिल रही हैं। इन धमकियों के कारण, परिवार को अपनी सुरक्षा के लिए हाल ही में तीन बार अपना घर बदलना पड़ा है।


एफआईआर से लीक हुआ पता

लड़की के वकील अनिल कुमार ने मामले की गंभीरता को उजागर करते हुए कई चौंकाने वाले तथ्य साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस में दर्ज एफआईआर में लड़की का पता सार्वजनिक हो गया था, जिसके बाद कुछ असामाजिक तत्वों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग उनके घर पहुंचकर बलात्कार और हत्या की धमकियां देने लगे। वकील के अनुसार, लड़की की मां एक सिंगल पैरेंट हैं और ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे अत्यधिक डर में जी रही हैं।


सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें

सोशल मीडिया पर इस लड़की को लेकर फैली अफवाहों पर वकील ने कड़ा एतराज जताया है। इंटरनेट पर कई जगह दावा किया जा रहा था कि वह 25 साल की एक सैलून वर्कर है और उसका नाम 'रुचिका' है। वकील ने इन सभी दावों को झूठा बताते हुए कहा कि जब शिकायत दर्ज हुई थी, तब वह केवल 14 साल की थी और 1 अगस्त को उसने अपना 15वां जन्मदिन मनाया। वह कोई वर्कर नहीं, बल्कि दिल्ली के ओपन स्कूलिंग सिस्टम से 10वीं कक्षा की छात्रा है।


माफी मांगने का वीडियो

इस विवाद के बाद, नाबालिग किशोरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर देश से माफी मांगी थी। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह प्रदर्शनकारी भीड़ के बहकावे में आ गई थी। किशोरी ने स्पष्ट किया कि उसने वह विवादित वीडियो खुद कहीं पोस्ट नहीं किया था और अपने कृत्य पर गहरी शर्मिंदगी जताई।


जीरो एफआईआर और पीएम मोदी का दृष्टिकोण

गौरतलब है कि गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह ने 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में लड़की के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में इस मामले को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। हालांकि, इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस नाबालिग को माफ करने की बात कही थी। पीएम ने कहा कि बेटियों द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल चिंता का विषय है, लेकिन इन गुमराह बच्चों को सही राह दिखाने की जरूरत है।