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23 वर्षीय बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की

कानपुर में 23 वर्षीय बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट आनंद कुमार ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर ली। उसने अपने सुसाइड नोट में अपने पिता से माफी मांगी और सरकारी नौकरी के लिए बार-बार प्रयास करने की बात कही। यह घटना न केवल उसके परिवार के लिए एक बड़ा सदमा है, बल्कि यह समाज में बेरोजगारी की गंभीरता को भी उजागर करती है। जानें इस दुखद घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके सामाजिक प्रभाव।
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कानपुर में एक दुखद घटना

कानपुर। 'सॉरी पापा, मैंने 50 बार कोशिश की... लेकिन मैं सफल नहीं हो पाया। पापा, मुझे माफ करना.. सॉरी।' यह सुसाइड नोट 23 वर्षीय आनंद कुमार ने लिखा, जिसने बीटेक में गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। उसने पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान ले ली।


'I Hate Myself' ये शब्द आनंद के परिवार, विशेषकर उसके माता-पिता के लिए एक स्थायी दर्द बन गए हैं। यह उन लाखों युवाओं की कहानी है जो बेरोजगारी के कारण मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। आत्महत्या से पहले आनंद ने एक दिल दहला देने वाला सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपने पिता से बार-बार माफी मांगी और लिखा कि उसने सरकारी नौकरी के लिए 50 बार प्रयास किया, लेकिन असफल रहा।


सरकार अक्सर कहती है कि योग्यताओं की कमी के कारण नौकरी नहीं मिलती। लेकिन एक ऐसे छात्र, जिसने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया और जिसे राज्यपाल ने सम्मानित किया, वह क्यों असफल हो रहा है? यह हमारी शिक्षा प्रणाली और सरकारी नीतियों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।


आनंद कुमार, जो मूलतः बिहार के बक्सर का निवासी था, ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की। उसने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह सरकारी नौकरी पाने में असफल रहा।


घटना के समय आनंद के पिता परिवार के बड़े बेटे की शादी के लिए बिहार गए थे। आनंद ने पीएसआईटी कॉलेज से इलेक्ट्रिकल में बीटेक किया था और राज्यपाल से गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। वह एक निजी कंपनी में भी काम कर रहा था।


आनंद का बड़ा भाई और बहन सरकारी शिक्षक हैं। उसके पिता ने बताया कि आनंद ने रेलवे, एसएससी, बैंक और शिक्षा विभाग की परीक्षाओं में भाग लिया, लेकिन सफल नहीं हो सका। वह पिछले कुछ महीनों से तनाव में था। परिवार के लोग शादी के लिए लड़की देखने गए थे, लेकिन आनंद ने जाने से मना कर दिया। शुक्रवार को जब नौकरानी ने दरवाजा नहीं खोला, तो परिवार और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर जाकर देखा तो आनंद का शव फंदे पर लटका मिला।


सुसाइड की खबर सुनकर परिवार कानपुर पहुंचा। पोस्टमार्टम हाउस में पिता बार-बार यही कहते रहे, 'ऐसा कैसे हो गया? सरकारी नौकरी नहीं थी तो क्या हुआ, वह तो प्राइवेट नौकरी कर रहा था। हमें अकेला छोड़कर क्यों चला गया?'


डीसीपी डीएन चौधरी ने कहा कि युवक के आत्महत्या की सूचना मिली थी और उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है। ऐसा लगता है कि वह डिप्रेशन से ग्रस्त था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।