27 जुलाई का मौसम: देशभर में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम का हाल
नई दिल्ली. आज 27 जुलाई, सोमवार है, जिसका अर्थ है कि वीकेंड समाप्त हो गया है और कार्यदिवस की शुरुआत हो गई है। इस दौरान आपके शहर का मौसम जानना आवश्यक है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के और सक्रिय होने की भविष्यवाणी की है। विभाग के अनुसार, उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। लोगों को जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में बारिश की संभावना
आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी 27 जुलाई से बारिश तेज होने की आशंका जताई गई है। राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य भारत में रेड अलर्ट
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़ में 27 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका है।
ओडिशा, बिहार और बंगाल में बारिश का अलर्ट
ओडिशा, झारखंड, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में 27 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि झारखंड और बिहार में भी बारिश का दौर तेज रहेगा।
उत्तर-पूर्व और पश्चिम भारत में मानसून की सक्रियता
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाएं
केरल, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में भी मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
IMD की सलाह
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
- जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
- आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- आवश्यक दवाइयां और जरूरी सामान पहले से तैयार रखें।
