33 वर्षीय बॉक्सिंग स्टार प्रिचार्ड कोलन का निधन, खेल जगत में शोक की लहर
प्रिचार्ड कोलन का दुखद निधन
नई दिल्ली: खेल की दुनिया से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। वह मुक्केबाज, जिसकी ताकतवर पंचों से रिंग में प्रतिद्वंद्वी कांप उठते थे, पिछले 11 वर्षों से बिस्तर पर थे। 2015 में बॉक्सिंग रिंग में हुई एक भयानक घटना ने पुएर्टो रिको के स्टार बॉक्सर प्रिचार्ड कोलन की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया था। इस 33 वर्षीय पूर्व मुक्केबाज ने अब इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़ दिया है, जिससे बॉक्सिंग समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
पिता का भावुक संदेश
पिता का छलका दर्द, अधूरी रह गई आखिरी ख्वाहिश
प्रिचार्ड कोलन के पिता, रिचर्ड कोलन ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से अपने बेटे के निधन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वे अपने बेटे की अंतिम इच्छा को पूरा करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं कर सके। इस कठिन समय में पिता ने उन सभी प्रशंसकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने परिवार को प्यार और समर्थन दिया। कोलन की मां और परिवार ने पिछले 11 वर्षों तक उनकी देखभाल की।
2015 की खौफनाक घटना
2015 की वो मनहूस रात और रिंग में हुई खौफनाक घटना
प्रिचार्ड कोलन का बॉक्सिंग करियर शानदार था, और वे तेजी से सफलता की ओर बढ़ रहे थे। अक्टूबर 2015 में टेरेल विलियम्स के खिलाफ रिंग में उतरने से पहले, उन्होंने 16 मुकाबले जीते थे, जिनमें से 13 में उन्होंने नॉकआउट किया था। लेकिन यह मैच उनके लिए सबसे दुखदायी साबित हुआ। मैच के दौरान विलियम्स ने नियमों का उल्लंघन करते हुए कोलन के सिर के पिछले हिस्से पर कई खतरनाक पंच मारे। कोलन ने रेफरी से मदद मांगी, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी रह गई। नौवें राउंड में, कोलन दर्द से गिर पड़े और उनके कॉर्नर स्टाफ ने गलती से उनके दस्ताने उतार दिए, जिसके कारण उन्हें तकनीकी रूप से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया।
कोमा में 221 दिन
ड्रेसिंग रूम में बिगड़ी तबीयत और 221 दिन का कोमा
रिंग में हुए हमले का असर ड्रेसिंग रूम में जाकर दिखा। वहां पहुंचते ही कोलन की तबीयत बिगड़ गई, और उन्हें उल्टियां होने लगीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां पता चला कि उनके दिमाग में गंभीर ब्लीडिंग हो रही है। डॉक्टरों ने सर्जरी की, लेकिन इसके बाद कोलन 221 दिनों तक कोमा में रहे। कोमा से बाहर आने के बाद भी, मस्तिष्क को हुए नुकसान के कारण वे सामान्य जीवन में लौट नहीं सके और 'वेजिटेटिव स्टेट' में चले गए। उनकी आवाज चली गई थी, और वे बात करने के लिए कंप्यूटर का सहारा लेते थे। वर्ल्ड बॉक्सिंग ऑर्गनाइजेशन (WBO) ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रिचार्ड कोलन की हिम्मत और संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा।
