80वें स्वतंत्रता दिवस पर युवा शक्ति और विकास की कहानी: जानें क्या खास होगा इस बार
स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में जुटा देश
नई दिल्ली: भारत 80वें स्वतंत्रता दिवस के उत्सव की तैयारी में है, और दिल्ली में समारोह की तैयारियों में तेजी आई है। 15 अगस्त से पहले, लाल किले के निकट दंगल पार्क में भारतीय सेना के जवानों ने पारंपरिक 21 तोपों की सलामी का अभ्यास किया। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं की भूमिका और भारत की विकास यात्रा को विशेष महत्व दिया जाएगा। समारोह की थीम 'युवा शक्ति' रखी गई है, जिसमें देश के युवाओं और Gen-Z की उपलब्धियों, उनकी आकांक्षाओं और समाज में उनके योगदान को उजागर किया जाएगा।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
इस वर्ष 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में देश की प्रगति को भी दर्शाया जाएगा। इसके साथ ही, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है, जिसे स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष स्थान दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद देशवासियों को संबोधित करेंगे।
भारत की तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन
समारोह के दौरान न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और आधुनिक तकनीक में भारत की उपलब्धियों को विजुअल्स के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इस बार निमंत्रण कार्ड में 'सेवा तीर्थ' को प्रमुखता दी गई है, जो जनसेवा और 'विकसित भारत 2047' के विजन को दर्शाता है।
युवा प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान
स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवा प्रतिभाओं को विशेष महत्व दिया जाएगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिक्स ओलंपियाड 2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, युवा इनोवेटर्स, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के इंटर्न, स्टार्टअप फाउंडर्स, पीएम कौशल विकास योजना के लाभार्थी और स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से सहायता प्राप्त करने वाले स्टार्टअप प्रतिनिधियों को भी विशेष मेहमान के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। MY भारत के वॉलंटियर्स और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी समारोह में शामिल होंगे।
बैठने की व्यवस्था झीलों के नाम पर
हर साल की परंपरा के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष को भी समारोह के लिए आमंत्रित किया जाएगा। बैठने की व्यवस्था वरीयता क्रम के आधार पर होगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, गणतंत्र दिवस 2025 और 2026 में भी इसी तरह की व्यवस्था अपनाई गई थी। इस बार समारोह में बैठने के स्थानों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे जाएंगे, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करना है। इस प्रकार, स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश की युवा शक्ति, उपलब्धियों और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
