BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की मुश्किलें बढ़ीं, छात्रों का विरोध जारी
मनन कुमार मिश्रा की नई चुनौती
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा एक नई समस्या में उलझ गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), जिसने पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफे के लिए मजबूर किया था, अब उनका इस्तीफा मांग रही है। मनन कुमार मिश्रा पिछले 10 वर्षों से BCI के अध्यक्ष हैं, और उनके एक निर्णय ने युवा छात्रों में नाराजगी पैदा कर दी है.
CBI की कार्रवाई और छात्रों का विरोध
CBI ने NALSAR यूनिवर्सिटी के नए स्नातकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। छात्रों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का विरोध किया था। इस फैसले का विरोध BCI के सदस्यों द्वारा भी किया गया.
BCI का विवादास्पद आदेश
BCI ने 13 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि नालसर यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों को वकील के रूप में एनरोल नहीं किया जाएगा। इसका कारण यह बताया गया कि कुछ छात्रों ने CJI को मुख्य अतिथि बनाने का विरोध किया था.
BCI के सदस्यों का विरोध
BCI के सदस्य मनोज कुमार ने इस आदेश का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह आदेश छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और लोकतंत्र में छात्रों को अपनी राय रखने का अधिकार है. उन्होंने चेयरमैन से इस आदेश को वापस लेने की अपील की.
मनन कुमार मिश्रा का स्पष्टीकरण
BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि वरिष्ठ वकीलों और छात्रों की प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने निर्णय लिया कि 2026 बैच के छात्रों का किसी भी गड़बड़ी में कोई संबंध नहीं था. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी बात को सम्मान के साथ रखें.
BCI के दो सर्कुलर
BCI ने दो सर्कुलर जारी किए थे। पहले में पूरे बैच को एनरोलमेंट से रोकने का आदेश था, जबकि दूसरे में यह रोक हटा ली गई, लेकिन विरोध करने वालों की जांच की मांग की गई.
नालसर छात्रों का विरोध
नालसर यूनिवर्सिटी के 450 से अधिक छात्रों ने कुलपति से अनुरोध किया कि CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि न बनाया जाए. CJI के खिलाफ छात्रों का यह विरोध देशभर में फैल गया है.
CJP का प्रदर्शन की धमकी
कॉकरोच जनता पार्टी ने BCI कार्यालय और मनन कुमार मिश्रा के निवास के बाहर प्रदर्शन की धमकी दी है. आलोचकों का कहना है कि मनन कुमार मिश्रा बीजेपी के राज्यसभा सांसद हैं और 10 वर्षों से BCI की अध्यक्षता कर रहे हैं.
CJP प्रवक्ता का बयान
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने BCI के आदेश को अनुचित बताया और कहा कि छात्रों को असहमति जताने के लिए सामूहिक सजा नहीं दी जा सकती. यदि मनन कुमार मिश्रा आदेश वापस नहीं लेते, तो लॉ स्टूडेंट्स और CJP समर्थक BCI कार्यालय का घेराव करेंगे.
मनन कुमार मिश्रा का परिचय
मनन कुमार मिश्रा एक प्रमुख वकील हैं और पिछले 10 वर्षों से BCI के अध्यक्ष हैं. वह बिहार से राज्यसभा सांसद हैं और 1980 में पटना लॉ कॉलेज से वकालत की डिग्री प्राप्त की थी.
BCI के चेयरमैन बनने की प्रक्रिया
1989 में मनन कुमार मिश्रा बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य बने और 2010 में BCI में बिहार के प्रतिनिधि चुने गए. 9 नवंबर 2014 को वे BCI के अध्यक्ष बने.
राज्यसभा सांसद बनने की कहानी
मार्च 2025 में मनन कुमार मिश्रा सातवीं बार निर्विरोध चुने गए. उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा बहुजन समाज पार्टी से शुरू की और बाद में बीजेपी में शामिल हुए.
