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BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग की भारत यात्रा और महत्वपूर्ण वार्ताएं

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित रहा, जिसमें पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण वार्ताएं हुईं। जिनपिंग ने एक साझा 'इनोवेशन इनक्यूबेटर' की स्थापना की अपील की और व्यापार असंतुलन को दूर करने पर सहमति बनी। इस सम्मेलन ने भारत और चीन के बीच संवाद के नए रास्ते खोले हैं। जानें इस सम्मेलन के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन


नई दिल्ली: भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का दूसरा दिन वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित रहा। इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान, मिस्र और दक्षिण अफ्रीका के नेता शामिल हुए। सभी ने वैश्विक विकास की दिशा पर चर्चा की। सम्मेलन में भाग लेने के बाद, शी जिनपिंग बीजिंग के लिए रवाना हो गए। एयरपोर्ट जाने से पहले, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का विशेष संबोधन सुना और सभी नेताओं के साथ एक पारिवारिक फोटो भी खिंचवाई।


चीन के लिए रवाना हुए जिनपिंग

इस सत्र में, शी जिनपिंग ने ब्रिक्स देशों से एक साझा 'इनोवेशन इनक्यूबेटर' स्थापित करने की अपील की, ताकि भविष्य के उद्योगों को तेजी से विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि बदलती आर्थिक परिस्थितियों में वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना आवश्यक है।




द्विपक्षीय वार्ता का महत्व

45 मिनट की द्विपक्षीय बातचीत

शनिवार को, शी जिनपिंग एयर चाइना की विशेष उड़ान से दिल्ली पहुंचे, जहां पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच लगभग 45 मिनट तक द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि भारत और चीन को अपने संबंधों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।


व्यापार असंतुलन पर सहमति

व्यापार असंतुलन दूर करने पर दोनों पक्षों की सहमति

आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक-दूसरे की प्रमुख चिंताओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली समस्याओं को सुलझाने पर सहमति बनी। इस सम्मेलन ने न केवल बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा दिया, बल्कि भारत और चीन के बीच संवाद के नए रास्ते भी खोले हैं।