BRICS शिखर सम्मेलन 2026: भारत की तकनीकी पहल और वैश्विक सहयोग
भारत की अध्यक्षता में BRICS का नया एजेंडा
BRICS शिखर सम्मेलन 2026 केवल वैश्विक राजनीति और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है। भारत की अध्यक्षता में इस समूह के एजेंडे में नई तकनीकों को प्राथमिकता दी गई है।
सम्मेलन के पहले दिन डिजिटल भुगतान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। भारत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उभरती अर्थव्यवस्थाएं तकनीकी विकास के लिए कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भर न रहें।
डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम
BRICS के तकनीकी एजेंडे को अमेरिकी डॉलर के विकल्प के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके बजाय, सदस्य देशों के बीच ऐसे भुगतान ढांचे विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय मुद्राओं और राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों के माध्यम से सीमा पार लेनदेन को सरल बनाया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम में भारत के UPI मॉडल का उल्लेख करते हुए इसे बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक के कार्यान्वयन का एक उदाहरण बताया। भारत BRICS देशों के भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने, स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देने और डिजिटल लेनदेन को सुगम बनाने के लिए सहयोग की वकालत कर रहा है।
AI का विकास में योगदान
BRICS के नए एजेंडे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। भारत का ध्यान इस बात पर है कि AI का लाभ केवल विकसित और तकनीकी रूप से सक्षम देशों तक सीमित न रहे। 'भारत इनोवेट्स' प्रदर्शनी में लगभग 37 डीप-टेक नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें AI, स्वास्थ्य देखभाल, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की तकनीक शामिल थी।
क्वांटम टेक्नोलॉजी पर ध्यान
भारत BRICS के माध्यम से क्वांटम टेक्नोलॉजी में सहयोग को भी बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य में साइबर सुरक्षा, संचार और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। 'भारत इनोवेट्स' में 64-क्यूबिट क्वांटम प्रोसेसर और शिक्षा व अनुसंधान के लिए विकसित आठ-क्यूबिट सिस्टम भी प्रदर्शित किए गए। कुल मिलाकर, भारत BRICS को केवल एक राजनीतिक और आर्थिक मंच के बजाय तकनीकी सहयोग के एक मजबूत नेटवर्क के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
