BRICS सम्मेलन में शाकाहारी डिनर पर विवाद: ओवैसी और राहुल गांधी की प्रतिक्रियाएं
नई दिल्ली में BRICS सम्मेलन का विवादित डिनर
हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल हुए। इस सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों के लिए एक डिनर का आयोजन किया गया, जो विवादों का कारण बन गया। विवाद की जड़ इस बात में है कि डिनर में केवल शाकाहारी भोजन परोसा गया, जिसे कुछ लोगों ने नकारात्मक रूप से लिया। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान ने इस विवाद को और बढ़ा दिया।
ओवैसी की प्रतिक्रिया
ओवैसी ने इस विवाद पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की पहचान केवल एक प्रकार के भोजन से नहीं, बल्कि इसकी विविध संस्कृतियों, धर्मों, भाषाओं और खान-पान की परंपराओं से बनती है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में लगभग 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय शाकाहारी हैं। ओवैसी ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि कितने लोगों को BRICS के डिनर का मेन्यू पसंद आया।
विवाद का कारण क्या है?
यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर के मेन्यू से शुरू हुआ, जिसमें पूरी तरह से शाकाहारी भोजन परोसा गया। मेन्यू में भारतीय शाकाहारी व्यंजनों को प्रमुखता दी गई, जैसे खांडवी, पनीर लबाबदार, मिलेट पुलाव, कश्मीरी मोरेल्स, खुम्ब गलौटी और जलेबी। यह भारतीय शाकाहारी भोजन की विविधता को प्रदर्शित करने का एक प्रयास था।
राहुल गांधी की टिप्पणी
इस पूरी स्थिति पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत में 80 प्रतिशत लोग नॉन-वेज खाना पसंद करते हैं और उन्होंने भारतीय नॉन-वेज खाने की तारीफ की। राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भोजन को लेकर राजनीति कर रही है।
ओवैसी का ध्यान अन्य मुद्दों पर
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 20 प्रतिशत लोग वेज खाते हैं और जब UCC की बात आती है, तो बहुसंख्यकों का खाना अल्पसंख्यकों पर लागू किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि BRICS में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इस पर कोई बात नहीं कर रहा है। ओवैसी ने डिजिटल करेंसी के मुद्दे और चीन के साथ बातचीत पर भी चिंता व्यक्त की।
