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लखनऊ में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची

लखनऊ के मोहनलालगंज में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए कई प्रयास किए गए। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जानें इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी।
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लखनऊ में हत्या का मामला


लखनऊ क्राइम: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में रामकिशोर वाल्मीकि की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। जांच में सामने आया है कि रामकिशोर की हत्या की योजना उसकी पत्नी सूफिया बानो ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर बनाई थी। हत्या के बाद शव को एक लकड़ी के बक्से में छिपाया गया और फिर ई-रिक्शा में लादकर नहर में फेंकने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है।


पुलिस के अनुसार, रामकिशोर की पहली पत्नी कविता देवी ने 17 सितंबर को मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घटनास्थल से लेकर शव फेंकने की जगह तक के रास्ते की जांच की।


जांच में पता चला कि सूफिया और रामकिशोर के बीच लगभग चार साल से संबंध थे और दोनों ने करीब दो साल पहले निकाह किया था। बाद में रामकिशोर को सूफिया के मुन्ना उर्फ मुच्छड़ के साथ संबंधों की जानकारी मिली, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगा। पुलिस के अनुसार, रामकिशोर अपनी पहली पत्नी से भी संपर्क में था और उसे आर्थिक सहायता देता था, जिससे घर में अक्सर झगड़े होते थे।


लखनऊ में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची


 


पुलिस का कहना है कि 14 और 15 सितंबर की रात सूफिया ने मुन्ना और उसके साथी इकबाल को घर बुलाया। दोनों ने सोते हुए रामकिशोर पर चाकू से हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद खून के निशान मिटाने की कोशिश की गई। शव को लकड़ी के बक्से में रखकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया गया। हत्या में इस्तेमाल चाकू और अन्य सामान भी छिपाने का प्रयास किया गया।


लखनऊ में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची


इसके बाद 15 और 16 सितंबर की रात शव को ई-रिक्शा लोडर में रखा गया। पुलिस के अनुसार, सूफिया, मुन्ना, इकबाल और एक नाबालिग शव को कनकहा के पास भावाखेड़ा नहर पुलिया तक ले गए और वहां नहर में फेंक दिया।



इस हत्या की जांच में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुई। पुलिस ने ई-रिक्शा के संभावित मार्ग की जांच की और लगभग 170 से 180 कैमरों की फुटेज की समीक्षा की। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ई-रिक्शा तक पहुंची और आरोपियों की पहचान की।


पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल चाकू और ई-रिक्शा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. इकबाल उर्फ वसीर अहमद, मुन्ना उर्फ मुच्छड़ और सूफिया बानो के रूप में हुई है। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में पुलिस की आगे की जांच जारी है।