IPS बुशरा बानो का ट्रांसफर: विवाद और समर्थन में विपक्षी सांसद
बुशरा बानो का करियर और विवाद
NET-JRF परीक्षा पास करने के बाद PhD करने वाली बुशरा बानो ने जल्दी ही प्रोफेसर और फिर SDM का पद हासिल किया। प्रोफेसर की नौकरी छोड़कर उन्होंने UPSC की तैयारी की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुईं। हाल ही में, बुशरा बानो एक वीडियो और उसके बाद हुए ट्रांसफर के कारण चर्चा में आई हैं। कहा जा रहा है कि वीडियो में 'अस्सलामवलयकुम', 'इंशाअल्लाह' और 'जजाकल्लाह' जैसे शब्दों के उपयोग के कारण उन्हें 'पनिशमेंट पोस्टिंग' दी गई। हालांकि, इस पर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन वह अब चर्चा का विषय बन गई हैं।
विवाद की शुरुआत
बुशरा बानो का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहती हैं, 'अस्सलामवलयकुम, मेरा नाम बुशरा बानो है। मैं IPS 2021 क्वालिफाइड हूं। वर्तमान में मैं खड़गपुर में अडिशनल एसपी के रूप में कार्यरत हूं। AMU का जो रेजिडेंट कोचिंग एकेडमी है, वह विशेष रूप से अल्पसंख्यकों, महिलाओं और SC-ST के लिए बनाया गया है। यह मेरे लिए बहुत सहायक रहा।' इस वीडियो में उन्होंने 'अस्सलामवलयकुम', 'इंशाअल्लाह' और 'जजाकल्लाह' जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जिसके बाद उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई।
विपक्ष का समर्थन
समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने X पर लिखा, 'क्या अब इस देश में मुस्लिम IAS और IPS अधिकारी 'अस्सलामु अलैकुम' भी नहीं कह सकते? क्या 'इंशाअल्लाह' बोलना भी गुनाह हो गया है?' उन्होंने कहा कि यह केवल एक अधिकारी के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब पर चोट है। इसी तरह, TMC की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस ट्रांसफर पर सवाल उठाए हैं।
बुशरा बानो का करियर
बुशरा बानो ने अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और NET-JRF पास करके मैनेजमेंट में PhD की। इसके बाद उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में करियर की शुरुआत की। 2014 में उनकी शादी हुई और उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर UPSC की तैयारी की। 2018 में उन्होंने UPSC पास किया और 2021 में IPS बनीं।
