इजरायल में हाईजैकिंग की कोशिश: फ्लाइट ने भेजा इमरजेंसी कोड
एक फ्लाइट ने इमरजेंसी कोड 7500 भेजा, जिससे इजरायल की एयरफोर्स सक्रिय हो गई। जांच में पता चला कि पायलटों के बीच बहस हुई थी, लेकिन हाईजैकिंग के आरोप खारिज कर दिए गए। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि यह 9/11 जैसे हमले की साजिश थी। जानें इस घटना के सभी विवरण और इजरायल की प्रतिक्रिया के बारे में।
| Sep 30, 2026, 15:44 IST
हाईजैकिंग की कोशिश का मामला
संयुक्त अरब अमीरात से इजरायल की ओर उड़ान भर रही एक फ्लाइट ने इमरजेंसी कोड 7500 भेजा, जिससे इजरायल की एयरफोर्स तुरंत सक्रिय हो गई। इस कोड का मतलब होता है कि विमान को हाईजैक किया गया है। इसके बाद, इजरायली फाइटर जेट्स को विमान के पीछे भेजा गया। अंततः, विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। जांच में यह सामने आया कि दो पायलटों के बीच बहस और हाथापाई हुई थी, लेकिन हाईजैकिंग के आरोपों को खारिज कर दिया गया। हालांकि, इजरायली मीडिया में इस घटना को लेकर कुछ चौंकाने वाली रिपोर्ट्स आई हैं, जिसमें 9/11 जैसे हमले की साजिश का जिक्र किया गया है।
- फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) दुबई से इजरायल के तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। अचानक, इसने स्क्वॉड कोड 7700 भेजा और फिर 7500 कोड भेजा। जैसे ही यह कोड भेजा गया, इजरायल में हड़कंप मच गया। इजरायली एयरफोर्स ने विमान को सऊदी अरब की दिशा में मोड़ दिया और उसे तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। विमान में 180 यात्री, जिनमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे, सवार थे।
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- इजरायली अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में 9/11 जैसे हमले की साजिश थी, जिससे एक बड़े हादसे को टाला गया। उन्हें संदेह है कि विमान को अगवा कर जमीन पर गिराने की योजना बनाई गई थी। इजरायली मीडिया के अनुसार, टेकऑफ के लगभग दो घंटे 15 मिनट बाद, विमान अचानक ऊंचाई में गिरने लगा, 34000 फीट से 17000 फीट पर आ गया। इसके बाद, विमान ने थोड़ी ऊंचाई प्राप्त की, लेकिन फिर से गोता लगाते हुए 14000 फीट पर पहुंच गया।
- घटना के बाद, इजरायल ने तुरंत अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, लेकिन बाद में इसे फिर से खोल दिया। सऊदी अरब से इजरायली नागरिकों को लाने के लिए फ्लाईदुबई ने एक और विमान भेजा। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ और आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने इजरायली नागरिकों को वापस लाने के लिए सैन्य विमान भेजने पर चर्चा की।
- एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने चैनल 12 को बताया कि को-पायलट ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने के इरादे से नियंत्रण पाने का प्रयास किया। हमलावर पायलट ओमानी नागरिक बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति की कमीज पर खून लगा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि एक पायलट ने दूसरे पर चाकू से हमला किया और उसे फर्श पर गिरा दिया। एक महिला यात्री ने बताया कि एक व्यक्ति ने चाकू से पायलट पर हमला किया और उसे गिरा दिया, जिससे वहां खून फैल गया।
- विमान में पायलटों की एक अन्य टीम मौजूद थी, जिसने विमान को हाईजैक होने से बचाया। चैनल 12 के अनुसार, अगर पायलट विमान में नहीं होते, तो यह घटना 11 सितंबर 2001 के हमले या 1976 के एंटेबे बंधक जैसी हो सकती थी। विमान में सवार इजरायली यात्रियों ने अन्य पायलट की मदद से हमलावर को-पायलट को काबू किया।
