कांवड़ यात्रा के लिए बिजली आपूर्ति की तैयारियों का निरीक्षण
बिजली आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
यात्रा मार्गों पर निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश; अस्थायी कनेक्शन तत्काल देने और 24×7 निगरानी के आदेश
मेरठ/बुलंदशहर (समित मगन): महापावन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर कांवड़ मार्गों पर विद्युत व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने शनिवार को बुलंदशहर जिले का दौरा कर 33/11 केवी डीएम रोड और नीमखेड़ा उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने विद्युत पोलों, ओवरहेड लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों और अन्य उपकरणों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पोलों पर सुरक्षा कवर लगाने, ट्रांसफॉर्मरों की फेंसिंग, लाइनों के नीचे गार्डिंग, जर्जर विद्युत लाइनों के तत्काल प्रतिस्थापन तथा प्लिंथ पर स्थापित ट्रांसफॉर्मरों की बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ओवरहेड लाइनों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर भी जोर दिया।
रवीश गुप्ता ने बुलंदशहर के प्रसिद्ध श्री राजराजेश्वर महाराज मंदिर जाने वाले मार्ग का भी निरीक्षण कर वहां की विद्युत व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी अनुरक्षण एवं सुधारात्मक कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके बाद उन्होंने शहरी क्षेत्र के सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक कर वाणिज्यिक, तकनीकी और कांवड़ यात्रा संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राजस्व वसूली, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता तथा यात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की विद्युत बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। इसके लिए संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए, कांवड़ मार्गों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए तकनीकी दल और आवश्यक संसाधन 24 घंटे उपलब्ध रहें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन मार्गों और स्थलों से कांवड़ यात्रा गुजरेगी या धार्मिक आयोजन होंगे, वहां सभी विद्युत खंभों और उपकरणों का पूर्व परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। रात्रि के समय बिजली आपूर्ति में व्यवधान होने पर स्थानीय फॉल्ट का तत्काल निस्तारण किया जाए। साथ ही यात्रा मार्गों एवं कार्यक्रम स्थलों पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन की मांग मिलने पर उसे बिना विलंब उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में मुख्य अभियंता (वितरण) संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता हर्षित श्रीवास्तव, महेश कुमार अहिरवार, शिशिर कुमार चाही, स्टाफ ऑफिसर सोनम सिंह सहित अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी उपस्थित रहे।
