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दिल्ली में वकीलों और पुलिस के बीच बढ़ता विवाद: प्रदर्शन और तनाव की कहानी

दिल्ली में वकीलों और पुलिस के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 27 अक्टूबर को वकीलों की हड़ताल के बाद अब पुलिस ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह विवाद एक पार्किंग झगड़े से शुरू हुआ था, जिसमें वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को पैसे लेकर छोड़ दिया। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ के बयान।
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दिल्ली में वकीलों और पुलिस के बीच टकराव

दिल्ली में वकीलों और पुलिस के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले वकीलों ने 27 अक्टूबर को पुलिस के खिलाफ हड़ताल की थी, जिसके बाद अब पुलिस वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। पुलिसकर्मी मुख्यालय के भीतर भी घुस आए हैं। ACP मनस्वी वशिष्ठ के नेतृत्व में पहुंचे जवानों ने पुलिस प्रशासन और वकीलों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। ACP ने कहा कि यह प्रदर्शन एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।


विवाद का कारण और बढ़ता तनाव

शाहदरा थाने में हुए विवाद के बाद से तनाव बढ़ गया है, जो अब सड़कों पर आ गया है। कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच 23 और 24 अक्टूबर को हुई झड़प के बाद यह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, जो अब एक बड़ा रूप ले चुका है।


'गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी'

प्रदर्शन के दौरान ACP मनस्वी वशिष्ठ ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन पुलिसकर्मियों द्वारा उठाया गया एक स्वाभाविक कदम है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस थाने सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कॉल उन्होंने नहीं दी थी, बल्कि यह अपने आप आई थी। उन्होंने कहा, 'हमने साहब से अपनी बात रखने के लिए एक मंच देने का अनुरोध किया है और हमें विश्वास है कि हमें अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।'


ट्रांसफर के बाद जवानों का गुस्सा

ACP मनस्वी वशिष्ठ की शिकायत पर 26 अक्टूबर को वकीलों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और धमकी देने की FIR दर्ज की गई थी। इसके जवाब में वकीलों ने 27 अक्टूबर को काम बंद हड़ताल कर दी। आरोप है कि वकीलों के दबाव में अधिकारियों ने मनस्वी वशिष्ठ और थानाध्यक्ष का ट्रांसफर कर दिया।


विवाद की जड़

यह विवाद 23 अक्टूबर को एक पार्किंग झगड़े से शुरू हुआ था। वकील ललित बंसल के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा था, लेकिन वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ दिया। इसके विरोध में 24 अक्टूबर को शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास अन्य वकीलों के साथ थाने पहुंचे, जहां उनके और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई।