दुबई से भारत लाए गए ड्रग्स सिंडिकेट के सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया
वीरेंद्र सिंह बसोया की गिरफ्तारी
पुणे ड्रग्स मामले में 6,000 करोड़ रुपये के आरोपी वीरेंद्र सिंह बसोया को दुबई से भारत लाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बसोया को संयुक्त अरब अमीरात से वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। अमित शाह ने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। बसोया की गिरफ्तारी को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क तक पहुंचने की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
ड्रग्स तस्करी का मामला
वीरेंद्र सिंह बसोया को दुबई में गिरफ्तार करने के बाद भारत सरकार ने उसे डिपोर्ट कराया। NCB के दस्तावेजों के अनुसार, उस पर मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप लंदन भेजने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इस मामले में लगभग 970 किलो मेफेड्रोन बरामद किया गया था। इसके अलावा, बसोया का नाम संदीप धुनिया से भी जुड़ा हुआ है, जिसे दिल्ली पुलिस के 13,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में मुख्य आरोपी माना जाता है।
जीरो टॉलरेंस का एक बड़ा उदाहरण: अमित शाह
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'मोदी सरकार विदेशों में छिपे नशा तस्करों को लगातार खोज रही है और उनके नेटवर्क को खत्म कर रही है। NCB द्वारा बसोया को यूएई से वापस लाना नशीली दवाओं के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का एक बड़ा उदाहरण है।' उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों ने इस मामले की गहराई से जांच की है। इससे यह साबित होता है कि नशीले पदार्थों के तस्कर चाहे जहां भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून से बच नहीं सकते।
क्या है पूरा मामला?
NCB के दस्तावेजों के अनुसार, बसोया का नाम मेफेड्रोन ड्रग्स की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा है। आरोप है कि वह मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप लंदन भेजने की साजिश में शामिल था। पुणे पुलिस ने 21 फरवरी 2024 को दिल्ली में कार्रवाई करते हुए दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बसोया को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से लगभग 970 किलो मेफेड्रोन बरामद हुआ था, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।
संदीप धुनिया से कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया है कि वीरेंद्र सिंह बसोया, संदीप धुनिया का करीबी सहयोगी है। धुनिया दिल्ली पुलिस के 13,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में मुख्य आरोपी है और कथित तौर पर दुबई से पाकिस्तान भागने में सफल रहा। ऐसे में बसोया की पूछताछ से एजेंसियों को धुनिया के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
