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भारत में फैक्ट्री सेक्टर में रोजगार में वृद्धि: नई रिपोर्ट

भारत के फैक्ट्री सेक्टर में रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जैसा कि 2024-25 के वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण में दर्शाया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्रियों में कार्यरत लोगों की संख्या 1.96 करोड़ से बढ़कर 2.10 करोड़ हो गई है। विशेष रूप से, खाद्य उत्पाद, कपड़ा, और मोटर वाहन उद्योगों ने सबसे अधिक रोजगार प्रदान किया है। छोटी फैक्ट्रियों का भी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है।
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फैक्ट्री सेक्टर का योगदान

भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में खेती, सरकारी और निजी नौकरियों के साथ-साथ उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। फैक्ट्री क्षेत्र में हर साल लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। सरकार के वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2024-25 के अनुसार, 2023-24 में फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोगों की संख्या 1.96 करोड़ थी, जो 2024-25 में बढ़कर 2.10 करोड़ हो गई। इस प्रकार, एक वर्ष में काम करने वाले लोगों की संख्या में 7.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


मुख्य उद्योगों में रोजगार

फैक्ट्री क्षेत्र में कुल रोजगार का 41 प्रतिशत से अधिक हिस्सा केवल पांच प्रमुख उद्योगों में है। इनमें खाद्य उत्पाद, कपड़ा, बेसिक मेटल, मोटर वाहन और परिधान उद्योग शामिल हैं। खाद्य उत्पाद उद्योग सबसे आगे है, जिसमें लगभग 23.61 लाख लोग कार्यरत हैं।


छोटी फैक्ट्रियों का महत्व

सर्वेक्षण के अनुसार, 5 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली फैक्ट्रियों की संख्या कुल चालू फैक्ट्रियों में 78.69 प्रतिशत है। इन फैक्ट्रियों में देश के कुल फैक्ट्री कर्मचारियों का 34.32 प्रतिशत कार्यरत है। जबकि 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली फैक्ट्रियों की संख्या कुल फैक्ट्रियों में 15.84 प्रतिशत है। इसके बावजूद, छोटी फैक्ट्रियों का रोजगार में योगदान 59.66 प्रतिशत है।


रोजगार में वृद्धि के संकेत

2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, देश के फैक्ट्री सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यरत लोगों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 7.57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।


निष्कर्ष

ASI 2024-25 के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश के संगठित फैक्ट्री सेक्टर में रोजगार में वृद्धि हो रही है। पांच प्रमुख उद्योग कुल फैक्ट्री रोजगार के 41 प्रतिशत से अधिक हिस्से को अपने पास रखते हैं। बड़ी निवेश वाली फैक्ट्रियां रोजगार देने में सबसे आगे हैं, जबकि छोटी फैक्ट्रियां संख्या में अधिक होने के साथ-साथ एक तिहाई से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं।