भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ: वाराणसी में भव्य एयर शो का आयोजन
भारतीय वायुसेना का एयर शो
भारतीय वायुसेना आज, 25 अक्टूबर को अपनी 94वीं वर्षगांठ का जश्न मना रही है। इस अवसर पर वाराणसी के नमो घाट पर तीन दिवसीय एयर शो का समापन होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। गंगा के किनारे स्थित नमो घाट पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन किया जाएगा। एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे स्वदेशी विमानों की भागीदारी होगी। इसके साथ ही प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और परिवहन विमानों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम अपने करतब दिखाएंगी।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। एयर शो में वायुसेना के पायलट विभिन्न तकनीकों से विमानों को उड़ाकर अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। पिछले दो दिनों से चल रहे इस एयर शो को देखने के लिए लाखों लोग पहुंचे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्यक्रम में देश के 12 एयरबेस से उड़ान भरकर 100 विमान शामिल होंगे, जिसमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान और 32 हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख नेताओं की उपस्थिति को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। नमो घाट और गंगा किनारे के अन्य घाटों के साथ वीवीआईपी के आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। एयर शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि पूरे शहर में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
"कार्यक्रम के लिए सभी सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। पूरे वाराणसी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वीवीआईपी के आने-जाने वाले रास्तों, कार्यक्रम स्थल और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। एयर शो और प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वीवीआईपी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आम लोगों की सुविधा, सुरक्षित आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित करने पर भी प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।" - मोहित अग्रवाल, वाराणसी के पुलिस कमिश्नर
भारतीय वायुसेना की स्थापना
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। उस समय इसे रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से जाना जाता था। इस वर्ष वायुसेना अपनी 94वीं वर्षगांठ मना रही है और विभिन्न अवसरों पर अपने शौर्य का प्रदर्शन करती रही है।
