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E20 पेट्रोल के खिलाफ जंतर-मंतर पर तहसीन पूनावाला का बड़ा प्रदर्शन

E20 पेट्रोल के मुद्दे पर तहसीन पूनावाला ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल का ऐलान किया है। 22 और 23 अगस्त को आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पूनावाला की मांगों में E10 पेट्रोल की उपलब्धता और E0 पेट्रोल की कीमतों में कमी शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पद से हटाने की भी मांग की है। जानें इस प्रदर्शन की पूरी जानकारी और इसके पीछे की वजहें।
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E20 पेट्रोल पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी

नई दिल्ली: देश में E20 पेट्रोल के मुद्दे पर बहस अब सड़कों पर भी तेज हो गई है। E20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले तहसीन पूनावाला ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल का ऐलान किया है। उन्होंने इस बारे में जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उनके अनुसार, टीम भारत द्वारा 22 और 23 अगस्त को जंतर-मंतर पर ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है।


पूनावाला ने बताया कि 22 अगस्त को सुबह 11 बजे से धरना-प्रदर्शन शुरू होगा, जो आगे भी जारी रहेगा। इसके बाद 23 अगस्त को सुबह 11 बजे से भूख हड़ताल के साथ प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दोनों दिन 5,000 से अधिक लोग प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं, और यह संख्या 10,000 तक पहुंचने की संभावना है।


प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में E10 पेट्रोल के लिए स्पष्ट व्यवस्था की मांग शामिल है। पूनावाला का कहना है कि पुराने वाहनों, जिन्हें E20 ईंधन के लिए तैयार नहीं किया गया है, उनके लिए E10 पेट्रोल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका दावा है कि E20 के उपयोग से पुराने वाहनों की माइलेज में कमी आ सकती है और कुछ वाहन के कंपोनेंट पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


इसके अलावा, पूनावाला ने E0 पेट्रोल की कीमतों में कमी की भी मांग की है। उन्होंने E20 से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी सार्वजनिक करने की भी अपील की है। उनका कहना है कि ईंधन नीति से जुड़े दस्तावेज आम जनता के सामने आने चाहिए, ताकि E20 के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सके।


E20 विरोधी प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पद से हटाने की मांग भी शामिल है। पूनावाला ने अपने संदेश में ‘चॉइस नहीं तो वोट नहीं’ का नारा भी दिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि E20 को लेकर लोगों को विकल्प नहीं मिलने की स्थिति में इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की जा सकती है।