E20 पेट्रोल पर बढ़ता विवाद: नितिन गडकरी के खिलाफ उठी आवाजें
E20 पेट्रोल के खिलाफ लोगों का गुस्सा
धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब नितिन गडकरी के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह समय कठिनाई भरा है। E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे पर विवाद गहरा होता जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि इससे उनकी गाड़ियों की माइलेज घट गई है और इंजन में खराबी आ रही है। इस समस्या के समाधान के लिए 'E20 जनता पार्टी' नामक एक नया नागरिक आंदोलन शुरू किया गया है।
E20 जनता पार्टी की मांगें
'E20 जनता पार्टी' का मुख्य उद्देश्य है कि लोगों को 100% शुद्ध पेट्रोल खरीदने का अधिकार मिले और उन्हें E20 पेट्रोल से मुक्ति मिले। वाहन मालिकों की शिकायत है कि उनकी गाड़ियां खराब हो रही हैं, इंजन में समस्या आ रही है और कॉर्बोरेट में कचरा जमा हो रहा है। नितिन गडकरी, जिन्हें पहले 'हाइवे मैन' के नाम से जाना जाता था, अब इस मुद्दे पर आलोचना का सामना कर रहे हैं।
नितिन गडकरी पर उठे सवाल
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं। उन्होंने नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की है और इसे 'एथेनॉल घोटाला' करार दिया है। ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर भी गडकरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं।
E20 के पीछे सरकार का तर्क
भारत में अप्रैल 2026 से पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल का आयात कम होगा, गन्ना किसानों की आय में वृद्धि होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। हालांकि, नितिन गडकरी के परिवार का एथेनॉल व्यवसाय भी है, जिससे उनकी निष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं।
E20 जनता पार्टी का आंदोलन
'E20 जनता पार्टी' आंदोलन में कई प्रसिद्ध हस्तियां शामिल हो रही हैं। यह आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तर्ज पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पार्टी की मांग है कि हर भारतीय को 100% शुद्ध पेट्रोल खरीदने का अधिकार मिले। वे केवल उपभोक्ता अधिकारों की मांग कर रहे हैं, जिससे उन्हें ईंधन चुनने का विकल्प मिले।
आगे की राजनीति और सरकार की योजना
हर्षवर्धन सपकाल ने इसे भ्रष्टाचार और आम नागरिकों के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गाड़ी मालिकों से माफी मांगने की अपील की है। विपक्ष का आरोप है कि एथेनॉल कंपनियों को भारी मुनाफा हो रहा है जबकि आम आदमी परेशान है। सरकार ने E20 से अधिक ब्लेंडिंग बढ़ाने की योजना का खुलासा नहीं किया है, लेकिन विवाद अभी भी जारी है।
