E20 पेट्रोल विवाद: सरकार और सलाहकार के बीच मतभेद
E20 पेट्रोल पर विवाद
E20 पेट्रोल विवाद: भारत में E20 पेट्रोल की बिक्री को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। उनका आरोप है कि सरकार इस योजना के माध्यम से कुछ विशेष उद्योगपतियों और डिस्टिलरीज को लाभ पहुंचा रही है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल से वाहनों को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। इस बीच, भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के लेख ने नई बहस को जन्म दिया है, जिस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है।
एक अंग्रेजी समाचार पत्र में प्रकाशित लेख में वी. अनंत नागेश्वरन और उनके सहलेखक आकाश पुजारी ने पुराने वाहनों के मालिकों को E10 खरीदने का विकल्प देने की बात की है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 7.5 से 8 करोड़ दो-पहिया वाहन E10 पेट्रोल के लिए बनाए गए हैं, जिनमें से कई वाहन E20 के लिए अनुकूल नहीं हैं। लेख में यह भी कहा गया है कि E20 पेट्रोल का मुद्दा केवल माइलेज का नहीं है, बल्कि इससे पुराने इंजनों में संगतता की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, क्योंकि एथनॉल रबर सील और ईंधन प्रणाली के हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। कार्बोरेटर वाले वाहनों को भी अधिक एथनॉल वाले मिश्रण के साथ चलाने में कठिनाई हो सकती है।
अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने वी. अनंत नागेश्वरन के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर हमला किया है, क्योंकि सरकार E20 पेट्रोल से वाहनों को होने वाले नुकसान के दावों को खारिज करती रही है। उन्होंने बुधवार को एक पोस्ट में लिखा, 'कौन सही है: सरकार या सलाहकार? E20 से प्रभावित वाहनों को खींचकर ले जाने वाले बाइक और कार मालिक पूछ रहे हैं, एक ओर सरकार कह रही है कि 'E20 में सब ठीक है'; दूसरी ओर सलाहकार कह रहे हैं कि 'E20 वाहनों के लिए हानिकारक है', तो यह स्पष्ट कौन करेगा कि सही क्या है। भाजपा सरकार, जो हर बात पर सर्वे कराने की बात करती है, E20 के प्रभावों का सामना कर रही आम जनता से सीधे संवाद क्यों नहीं करती कि सच क्या है। E20 एक दुधारी तलवार है, जो जनता पर दोहरी मार डाल रही है: महंगा पेट्रोल और महंगी रखरखाव।'
कौन है सही : सरकार या सलाहकार?
E20 से ख़राब हुई गाड़ियों को खींचकर ले जानेवाले बाइक-कारवाले पूछ रहे हैं, एक तरफ़ तो सरकार कह रही है ‘E20 में सब ठीक है’; दूसरी तरफ़ सलाहकार कह रहे हैं ‘E20 गाड़ियों के लिए नुक़सानदेह है’, तो ये स्पष्ट कौन करेगा सही क्या है।
अरे बात-बात में… pic.twitter.com/lPwgx1U6O1
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 19, 2026
