H1N1 फ्लू के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य मंत्री की बैठक
H1N1 के मामलों में वृद्धि
दिल्ली-NCR सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में मानसून के दौरान मौसम में बदलाव और बढ़ती नमी के कारण फ्लू और अन्य श्वसन संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। इस संदर्भ में, स्वास्थ्य विभाग H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों को लेकर सतर्क है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शुक्रवार को दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेंगे।
H1N1 पर स्वास्थ्य मंत्री की महत्वपूर्ण बैठक
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शुक्रवार को दिल्ली में H1N1 की स्थिति की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में H1N1 के वर्तमान हालात, अस्पतालों की तैयारियों, जांच और उपचार की सुविधाओं, और संक्रमण की निगरानी एवं रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों का मूल्यांकन किया जाएगा।
H1N1 के लक्षण
दिल्ली के AIIMS के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल के अनुसार, मानसून के दौरान सामान्य सर्दी, जुकाम, इन्फ्लुएंजा और वायरल बुखार के मामले आम होते हैं। इन लक्षणों में काफी समानता हो सकती है।
H1N1 में तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, गले में खराश, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर H1N1 का निदान करना सही नहीं है। चिकित्सकीय सलाह और जांच आवश्यक है।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए सावधानी
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित मरीजों में फ्लू की गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक होता है। COPD और अस्थमा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अस्पतालों में फ्लू के मामलों में वृद्धि
बेंगलुरु के SPARSH Hospital के लीड कंसल्टेंट डॉ. मनोहर केएन ने बताया कि उनकी OPD में रोजाना लगभग 5-6 मरीज फ्लू जैसे लक्षणों के साथ आ रहे हैं, जिनमें से 2-3 मरीजों को गंभीर लक्षणों के कारण भर्ती करना पड़ रहा है।
हल्के मामलों में, डॉक्टर की सलाह के अनुसार लक्षण आधारित उपचार किया जाता है और मरीज को घर पर अलग रहने की सलाह दी जाती है।
