ICC ने 2027 वनडे विश्व कप के लिए नया प्रारूप घोषित किया
नई दिल्ली में ICC का ऐलान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बुधवार, 15 जुलाई को 2027 में होने वाले पुरुष वनडे विश्व कप के लिए नए प्रारूप की घोषणा की। इस बार टूर्नामेंट में 12 की बजाय 14 टीमें भाग लेंगी। इस नए प्रारूप के आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया प्रारूप पहले के मुकाबले अधिक जटिल है, और इससे भारत-पाकिस्तान के बीच अधिक मुकाबले होने की संभावना बढ़ गई है।
14 टीमों का नया प्रारूप
आईसीसी ने विश्व कप में टीमों की संख्या को 10 से बढ़ाकर 14 करने का निर्णय लिया है। टूर्नामेंट की कट ऑफ तारीख तक आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष 11 टीमें सीधे क्वालीफाई करेंगी। वहीं, रैंकिंग में 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली टीमों को 'सुपर सीरीज' में खेलने का मौका मिलेगा। यहां से जीतने वाली टीम को मुख्य टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में जगह मिलेगी।
सेमीफाइनलिस्ट का चयन

मुख्य चरण में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन टीमें और सर्वश्रेष्ठ चौथे स्थान वाली एक टीम 'सुपर 7' में पहुंचेगी। इसके बाद ये टीमें राउंड-रॉबिन प्रारूप में एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी, जिससे सेमीफाइनल खेलने वाली चार टीमों का चयन होगा।
भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित मुकाबले
The ICC has announced an exciting revamped format for the Men’s @cricketworldcup 2027 edition in South Africa, Zimbabwe and Namibia
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— ICC (@ICC) July 15, 2026
ब्रिटिश मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए प्रारूप के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच एक ही विश्व कप में तीन मुकाबले संभव हो सकते हैं। यदि दोनों टीमें दूसरे चरण में एक ही ग्रुप में आती हैं, तो पहला मैच वहीं होगा। इसके बाद यदि दोनों टीमें 'सुपर 7' में पहुंचती हैं, तो दूसरा मुकाबला होगा। यदि दोनों सेमीफाइनल या फाइनल में आमने-सामने आते हैं, तो तीसरी बार भिड़ंत देखने को मिल सकती है।
ग्रुप चयन प्रक्रिया पर सवाल
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आईसीसी की ग्रुप चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं है। इस कारण भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखने की संभावना अधिक रहती है। इस विषय पर आईसीसी ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
ICC का बयान
आईसीसी का कहना है कि नए प्रारूप का उद्देश्य हर मुकाबले की अहमियत बढ़ाना और प्रतियोगिता को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। साथ ही, उभरती हुई टीमों को भी विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर खेलने का बेहतर अवसर मिलेगा। नए प्रारूप को लेकर बहस तेज हो गई है कि क्या यह बदलाव केवल टूर्नामेंट को रोमांचक बनाने के लिए किया गया है या फिर भारत-पाकिस्तान जैसे हाई-वोल्टेज मुकाबलों की संख्या बढ़ाने की रणनीति भी इसका हिस्सा है।

