IDFC बैंक घोटाला: रिभव ऋषि की प्रेम कहानी में करोड़ों की हेराफेरी
IDFC बैंक घोटाले का खुलासा
हरियाणा और चंडीगढ़ में IDFC बैंक की शाखाओं से जुड़े 657 करोड़ रुपये के घोटाले का एक नया मामला सामने आया है। जांच में मुख्य आरोपी रिभव ऋषि का एक महिला डांसर के साथ गहरा संबंध और उस पर किए गए खर्चों का खुलासा हुआ है। ऋषि ने अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच महिला को हर महीने 10 लाख रुपये दिए, जिससे कुल राशि 56 लाख रुपये बनती है। यह रकम उसने महिला को डांस का काम छोड़ने के लिए दी थी। इसके अलावा, उसे 3 करोड़ रुपये का एक फ्लैट भी उपहार में दिया गया था। दोनों दुबई में बसने की योजना बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही वे कानून के शिकंजे में आ गए।
रिभव ऋषि का झूठा परिचय
सीबीआई के अनुसार, ऋषि की पहली मुलाकात महिला से मार्च-अप्रैल 2025 में चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इसके बाद, 8 मई को जयपुर में एक फार्महाउस पार्टी में उनकी फिर से मुलाकात हुई। 5 जुलाई को मुंबई के सेंट रेजिस होटल में ऋषि ने महिला के प्रति अपने प्रेम का इजहार किया। महिला ने बताया कि ऋषि ने खुद को एक इवेंट प्लानर और चावल के आयात-निर्यात का कारोबारी बताया, साथ ही यह भी कहा कि वह IDFC फर्स्ट बैंक में ब्रांच मैनेजर है।
महिला को गिफ्ट किया 3 करोड़ का फ्लैट
महिला ने सीबीआई को बताया कि ऋषि ने उससे शादी करने के लिए अपनी पत्नी से तलाक लेने की बात कही थी। 18 जुलाई, 2025 को उसने दिल्ली के द्वारका में महिला के लिए एक मकान खरीदने के लिए एक लाख रुपये की टोकन मनी दी। महिला के अनुसार, मकान के लिए 3.10 करोड़ रुपये नकद दिए गए, जिसमें से उसने 49 लाख रुपये दिए और बाकी ऋषि ने चुकाए। 90 लाख रुपये की और राशि दी जानी थी, जिसमें से 65 लाख रुपये का भुगतान हो चुका था। महिला ने कहा कि वह 2 जनवरी 2026 से इस मकान में रह रही है।
दुबई में बसने की योजना
दोनों ने अगस्त 2025 में मकाऊ और फिर थाईलैंड की यात्रा की। 21 नवंबर को वे अरुण शर्मा, अभय कुमार और नरेश कुमार भुवानी के साथ दुबई गए। सीबीआई के अनुसार, वहां दोनों बुर्ज अल अरब के समुद्र की ओर वाले डुप्लेक्स में ठहरे। महिला ने जांच एजेंसी को बताया कि ऋषि उसे दुबई एयरपोर्ट के पास एक नए चार बेडरूम वाले डुप्लेक्स में भी ले गया था। उसने कहा कि वह पांच से दस साल बाद उसके साथ दुबई में बसना चाहता था। जनवरी 2026 में दोनों फिर दुबई गए, जहां ऋषि ने टोयोटा लैंड क्रूजर बुक की।
पार्टियों में खर्च करता था ऋषि
सीबीआई के अनुसार, ऋषि द्वारा आयोजित अधिकांश पार्टियां जीरकपुर के जेड मैनर में होती थीं। महिला ने बताया कि इन आयोजनों में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाती थी, लेकिन उसे प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होती थी। ऋषि आयोजक को प्रति कार्यक्रम दो लाख रुपये देता था, जिसमें से आधी रकम उसे मिलती थी।
