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IIM जम्मू में छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विवाद

IIM जम्मू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित एक अनिवार्य कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस कार्रवाई की आलोचना की है, सवाल उठाते हुए कि क्या छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। IIM जम्मू ने इस मामले में स्पष्टीकरण दिया है कि किसी भी छात्र पर जुर्माना नहीं लगाया गया है। इस विवाद ने शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों की भूमिका पर बहस को जन्म दिया है।
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IIM जम्मू में विवाद की शुरुआत

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) जम्मू हाल ही में एक विवाद में फंस गया है। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक अनिवार्य कार्यक्रम में भाग नहीं लेने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की शुरुआत के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसकी कड़ी आलोचना की है.


अनुशासनात्मक नोटिस और जुर्माना

IIM जम्मू की छात्र परिषद ने उन छात्रों को अनुशासनात्मक नोटिस जारी किया है जो इस कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए थे। नोटिस में कहा गया है कि छात्रों को 17 सितंबर 2026 को आयोजित दीपोत्सव रस्म में गैरहाजिर पाया गया, जबकि यह कार्यक्रम अनिवार्य था। छात्रों को इस संबंध में लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है.


नोटिस की शर्तें

नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि गैरहाजिरी से छूट केवल चिकित्सा कारणों पर दी जाएगी, जिसके लिए कैंपस डिस्पेंसरी 'संजीवनी' से आधिकारिक लिखित नोट की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, छात्रों को 18 सितंबर तक जवाब देना होगा, अन्यथा उन पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.


कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सैयद नासिर हुसैन ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्रों की उपस्थिति प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के कार्यक्रम में अनिवार्य क्यों होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह IIM की शैक्षणिक जिम्मेदारी है या इसे पीएम मोदी के प्रचार के लिए अनिवार्य गतिविधि के रूप में पेश किया गया है.


छात्रों को राजनीतिक आयोजनों से दूर रहने की सलाह

नासिर हुसैन ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को स्वतंत्र विचार को बढ़ावा देना चाहिए, न कि छात्रों को राजनीतिक आयोजनों में भाग लेने के लिए मजबूर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के प्रचार अभियानों को प्रमुख शिक्षण संस्थानों से दूर रखा जाना चाहिए.


IIM जम्मू का स्पष्टीकरण

IIM जम्मू के एक प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी छात्र पर ऐसा कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि इस घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस मामले पर जल्द ही एक बैठक में चर्चा की जाएगी.