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IIT बॉम्बे छात्र की आत्महत्या: प्रोफेसर सस्पेंड, जातिगत भेदभाव के आरोप

IIT बॉम्बे में एक छात्र की आत्महत्या के मामले ने विवाद को जन्म दिया है। प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को निलंबित किया गया है, जबकि छात्र के परिवार ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। इस घटना के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन किया और निदेशक ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
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IIT बॉम्बे में विवाद बढ़ता जा रहा है

IIT बॉम्बे के एक छात्र की मृत्यु के मामले में विवाद गहराता जा रहा है। इस संदर्भ में डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स, प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। IIT बॉम्बे के निदेशक, शिरीष बी. केदारे ने इस बात की पुष्टि की कि प्रोफेसर दूल्ला को निलंबित किया गया है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी।


छात्र की संदिग्ध आत्महत्या

यवतमाल जिले के निवासी साहिल वाकोडे, IIT बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्र थे। शुक्रवार को उनके हॉस्टल में उनकी लाश पंखे से लटकी हुई मिली। इस आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और शव का पोस्टमार्टम किया। साहिल के परिवार ने न्याय की मांग की और IIT के प्रोफेसर पर आरोप लगाए। उनके पिता ने शिकायत में कहा कि साहिल के साथ पिछले तीन महीनों में जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग और उत्पीड़न हुआ।


मामले की पूरी जानकारी

रिपोर्टों के अनुसार, मिड सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन में एआई का उपयोग करते हुए पकड़ा गया। उन पर आरोप है कि वह प्रश्नों की तस्वीरें लेकर चैटजीपीटी पर उत्तर खोज रहे थे। प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने उन्हें ऐसा करते हुए पकड़ा और परीक्षा हॉल से बाहर ले गए। इसके बाद साहिल ने आत्महत्या कर ली। IIT ने कहा कि साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि छात्रों ने बताया कि साहिल को निलंबन की धमकी दी गई थी।


जातिगत भेदभाव के आरोप

साहिल के पिता, रवींद्र वाकोड़े की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर दूल्ला और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। रवींद्र ने कहा कि पिछले तीन महीनों से प्रोफेसर दूल्ला साहिल के साथ जातिगत भेदभाव कर रहे थे। उनके अनुसार, यह भेदभाव IIT के निदेशक के निर्देश पर किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोफेसर जातिवादी टिप्पणियां करते थे और साहिल को गलत तरीके से फंसाने की धमकी दी गई थी।


छात्रों का विरोध प्रदर्शन

इस घटना के खिलाफ 20 सितंबर को सैकड़ों छात्रों ने IIT बॉम्बे के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। निदेशक शिरीष केदारे ने छात्रों से बातचीत की और कहा कि वह तय प्रक्रिया के बाद इस्तीफा देंगे। उन्होंने छात्रों की 18 मांगों पर हस्ताक्षर भी किए। हालांकि, संस्थान ने स्पष्ट किया कि निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है और इस मुद्दे पर बोर्ड की बैठक सोमवार को होगी। इस मामले की जांच जारी है और देशभर में इस पर चर्चा हो रही है।