MLC चुनाव परिणाम 2026: चार राज्यों में राजनीतिक समीकरणों का खुलासा
MLC चुनाव परिणाम 2026:
MLC चुनाव परिणाम 2026: विधान परिषद चुनावों के नतीजों का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। 23 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 सीटों के लिए मतदान हुआ था। अब मंगलवार, 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी। इन परिणामों से यह स्पष्ट होगा कि भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों में किसका प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर टिकी नजर:
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था। इनमें से पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। चुनाव में कुल 152 उम्मीदवारों ने भाग लिया और राज्य में 55.24 प्रतिशत मतदान हुआ.
उत्तर प्रदेश की 5 स्नातक सीटों पर कौन दे रहा किसको टक्कर?
लखनऊ स्नातक: बीजेपी के अवनीश कुमार सिंह और एसपी की कांति सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है.
आगरा स्नातक: बीजेपी के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह के सामने एसपी के आकाश अग्रवाल हैं.
मेरठ-सहारनपुर स्नातक: बीजेपी के दिनेश गोयल और एसपी के प्रमेंद्र भाटी एक-दूसरे को टक्कर दे रहे हैं.
वाराणसी-मिर्जापुर स्नातक: बीजेपी के केदारनाथ सिंह और एसपी के आशुतोष सिन्हा के बीच मुकाबला है.
इलाहाबाद-झांसी स्नातक: बीजेपी के अशोक कुमार राठौर और एसपी के डॉ. मानसिंह यादव आमने-सामने हैं.
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की इन 5 सीटों पर नजर?
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी बीजेपी और एसपी के बीच मुकाबला दिलचस्प है.
लखनऊ शिक्षक: बीजेपी के उमेश द्विवेदी और एसपी के सुशील कुमार पटेल एक-दूसरे के सामने हैं.
मेरठ-गाजियाबाद शिक्षक: बीजेपी के श्रीचंद शर्मा और एसपी के नितिन कुमार तोमर एक-दूसरे के सामने हैं.
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक: बीजेपी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों और एसपी के हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर एक-दूसरे के सामने हैं.
वाराणसी शिक्षक: बीजेपी के डॉ. प्रमोद मिश्रा और एसपी के लाल बिहारी यादव एक-दूसरे के सामने हैं.
आगरा-अलीगढ़ शिक्षक: बीजेपी के हरिकिशन तिवारी और एसपी के डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता एक-दूसरे के सामने हैं.
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक: बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी और एसपी के डॉ. संजय त्रिपाठी के बीच मुकाबला है.
2020 के चुनाव का गणित:
पिछले चुनाव में बीजेपी ने छह, समाजवादी पार्टी ने तीन और निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो सीटें जीती थीं। इस बार के नतीजों से पता चलेगा कि राजनीतिक दलों ने अपनी स्थिति कितनी मजबूत की है। इन चुनावों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल समझने के एक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है.
महाराष्ट्र में पांच सीटों पर कड़ा मुकाबला:
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों में तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। अमरावती शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा 92.25% मतदान हुआ, जबकि छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर सबसे कम 59.12% वोट पड़े.
महाराष्ट्र की प्रमुख सीटों पर कौन उम्मीदवार?
नागपुर स्नातक: बीजेपी के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच मुकाबला है.
पुणे स्नातक: बीजेपी की डॉ. स्मिता जाधव और NCP (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा जाधव-देशमुख प्रमुख उम्मीदवार हैं.
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक: अजित पवार गुट की एनसीपी के सतीश चव्हाण और शरद पवार गुट के उम्मीदवार के बीच मुकाबला है.
पुणे शिक्षक: बीजेपी के कौस्तुभ गावड़े और कांग्रेस के जयंत आसगांवकर प्रमुख उम्मीदवार हैं.
अमरावती शिक्षक: एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के किरण सरनाईक और कांग्रेस की अदिति पोहरे के बीच मुकाबला है.
बिहार की 8 सीटों का क्या होगा परिणाम?
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान हुआ था। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं.
बिहार की चार स्नातक सीटें:
पटना स्नातक
दरभंगा स्नातक
तिरहुत स्नातक
कोसी स्नातक
बिहार की चार शिक्षक सीटें:
पटना शिक्षक
दरभंगा शिक्षक
तिरहुत शिक्षक
सारण शिक्षक
कर्नाटक चार सीटों पर कांग्रेस बनाम बीजेपी-JDS:
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों के लिए मतदान हुआ था। इनमें दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं.
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र:
कर्नाटक दक्षिण-पूर्व स्नातक
कर्नाटक पश्चिम स्नातक
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र:
कर्नाटक उत्तर-पूर्व शिक्षक
बेंगलुरु शिक्षक
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
चार राज्यों की 28 सीटों के नतीजे राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन पर खास नजर है, जबकि महाराष्ट्र में गठबंधन के भीतर बागी उम्मीदवारों की भूमिका चर्चा में है। बिहार और कर्नाटक में भी परिणामों से विधान परिषद के इन निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की स्थिति स्पष्ट होगी.
