NCERT की नई किताब में आपातकाल का जिक्र, शिक्षा मंत्री का समर्थन
NCERT की किताब में आपातकाल का उल्लेख
राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल के समय के बारे में एक नया खंड जोड़ा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस कदम की सराहना की है, यह कहते हुए कि यह महत्वपूर्ण है कि देश की युवा पीढ़ी इस काले अध्याय के बारे में जानें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) हमेशा अपने हिसाब से इतिहास को प्रस्तुत करने की कोशिश करती है। धर्मेंद्र प्रधान चंडीगढ़ में बीजेपी द्वारा आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच विवाद
NCERT ने पहली बार सामाजिक विज्ञान की नई किताब 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' में आपातकाल पर एक खंड शामिल किया है। इस पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। बीजेपी के नेता कांग्रेस को इस मुद्दे पर आलोचना कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस के नेता बीजेपी पर हमले कर रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का बयान
धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा, 'NCERT ने सही कदम उठाया है। इमरजेंसी जैसे काले अध्याय को अगली पीढ़ी को जानना चाहिए ताकि ऐसी स्थिति फिर से न आए। कुछ लोग देश की प्रगति को लेकर कुंठित हैं और विभिन्न रूपों में आते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, '25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर एक बड़ा आघात था। इतिहास को याद रखना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों को न दोहराया जाए। आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया गया। क्या हमारे पूर्वजों ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था ताकि किसी एक व्यक्ति या परिवार की सत्ता को बचाने के लिए लोकतंत्र को कुचला जाए?'
बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
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बीजेपी ने 1975 में आपातकाल लागू करने के लिए कांग्रेस पर भी आरोप लगाया है कि वह NCERT के इस अध्याय को शामिल करने के निर्णय का विरोध कर रही है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस ने सभी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला किया। उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में आपातकाल लागू किया गया था।
आपातकाल पर राजनीतिक बहस जारी
बीजेपी ने पहले ही घोषणा की थी कि हर साल 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' मनाया जाएगा। इस बहाने वह हर साल कांग्रेस को निशाना बनाती है और संविधान के मुद्दे पर उसे घेरती है। कांग्रेस के लिए यह चुनौतीपूर्ण है कि वह इस मुद्दे पर अपनी स्थिति को स्पष्ट कर सके, क्योंकि आपातकाल के दौरान कई विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और अन्य लोगों को जेल में डाल दिया गया था।
