NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
CBI ने चार्जशीट दाखिल की
NEET-UG 2026 पेपर लीक के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 13 व्यक्तियों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। यह चार्जशीट CBI की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा प्रस्तुत की गई है। मामले की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
CBI ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि पेपर लीक मामले में एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से प्रश्नपत्र को कई लोगों तक पहुंचाया गया।
चार्जशीट में शामिल आरोपी
CBI की चार्जशीट में यश यादव, मंगीलाल बीवाल, दिनेश बीवाल, विकास बीवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। CBI अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इससे पहले, मामले से जुड़े 47 NTA अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
पेपर का सौदा
CBI के अनुसार, आरोपी मंगीलाल बीवाल ने अपने बेटे विकास बीवाल के लिए NEET का प्रश्नपत्र प्राप्त करने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मंगीलाल के मोबाइल फोन से कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद किया गया। एजेंसी का दावा है कि मंगीलाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र खरीदा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि विकास बीवाल की पहचान यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी। CBI के अनुसार, शुभम ने सबसे पहले यश यादव को पेपर उपलब्ध कराया, जिसके बाद यह मंगीलाल, विकास और दिनेश बीवाल तक पहुंचा।
अभ्यर्थियों से वसूली
CBI का आरोप है कि मंगीलाल बीवाल ने लीक हुए प्रश्नपत्र को कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया और इसके बदले में करीब 12 लाख रुपये तक की रकम वसूली गई। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं।
अदालत की अनुमति
इस मामले में आरोपी यश यादव को अदालत ने पहले न्यायिक हिरासत में रहते हुए 21 जून को NEET-UG परीक्षा में शामिल होने और 22 जून को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति दी थी। CBI अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
