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NEET UG पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन, NTA की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

NEET UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में छात्रों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया, जिसमें NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। राज्यसभा में NTA के स्थायी कर्मचारियों की संख्या और परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। NTA की वित्तीय स्थिति और स्थायी स्टाफ की कमी भी चर्चा का विषय बनी। जानें इस मुद्दे पर और क्या जानकारी सामने आई है।
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छात्रों का प्रदर्शन और NTA की भूमिका

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस समय देशभर के छात्रों के निशाने पर है। NEET UG परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि NTA की कार्यप्रणाली संदिग्ध है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बना रहा है। NTA की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसके पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है।


राज्यसभा में उठे सवाल

राज्यसभा में डॉ. वी. शिवदासन ने शिक्षा मंत्रालय से 22 जुलाई 2026 को कई सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि NTA में स्थायी पदों पर कितने लोग कार्यरत हैं, संविदा पर कितने कर्मचारी हैं, पिछले 5 वर्षों में कौन-कौन सी परीक्षाएं आयोजित की गईं, रजिस्ट्रेशन फीस कितनी प्राप्त हुई है और खर्च कितना हुआ है। शिक्षा मंत्रालय ने इन सवालों का जवाब दिया।


NTA में स्थायी कर्मचारियों की संख्या

NTA में कुल 39 स्थायी पद हैं, जो डेप्युटेशन के माध्यम से भरे जाते हैं। NTA के पास अपने अधिकारी नहीं हैं, बल्कि दूसरे विभागों से आए अधिकारी इसे संचालित कर रहे हैं। सरकार ने NTA को मजबूत करने के लिए 16 नए पदों का गठन किया है, जिनमें से 8 डायरेक्टर स्तर पर और 8 ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर पर हैं।


कर्मचारियों की संरचना

  • डायरेक्टर जनरल – 1
  • ज्वाइंट सेक्रेटरी – 2
  • डायरेक्टर (लेवल 14 और 13) – कुल 8
  • ज्वाइंट डायरेक्टर/रिसर्च साइंटिस्ट – 6
  • डिप्टी डायरेक्टर – 3
  • असिस्टेंट डायरेक्टर – 2
  • सीनियर सुपरिटेंडेंट – 2


कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स स्टाफ

आवश्यकता के अनुसार 73 लोग कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें कंसल्टेंट, एडवाइजर और यंग प्रोफेशनल्स शामिल हैं। इसके अलावा, 124 लोग आउटसोर्स किए गए हैं, जो डेटा एनालिस्ट और हाउसकीपिंग जैसे कार्यों में लगे हुए हैं। NTA परीक्षाओं के दौरान राज्यों, केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों की सहायता से अस्थायी स्टाफ भी नियुक्त करती है।


NTA का प्रदर्शन

2018 में स्थापित होने के बाद से, NTA ने 270 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिनमें 6.6 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। 2026 में अब तक 12 परीक्षाएं आयोजित की गई हैं, जिनमें 65 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं।


NEET परीक्षा का पेपर लीक

NEET (UG) 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को 5,432 केंद्रों, 565 शहरों और 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी, जिसमें पेपर लीक की घटना सामने आई। इस परीक्षा का पुनः आयोजन 21 जून 2026 को किया गया, और परिणाम 16 जुलाई 2026 को घोषित किया गया।


NTA की वित्तीय स्थिति

  • 2019-20 में आमदनी 504 करोड़ रुपये, खर्च 440 करोड़ रुपये।
  • 2020-21 में आमदनी 515 करोड़ रुपये, खर्च 436 करोड़ रुपये।
  • 2021-22 में आमदनी 508 करोड़ रुपये, खर्च 427 करोड़ रुपये।
  • 2022-23 में आमदनी 900 करोड़ रुपये, खर्च 682 करोड़ रुपये।
  • 2023-24 में आमदनी 1,117 करोड़ रुपये, खर्च 1,041 करोड़ रुपये।


NTA की चुनौतियाँ

2022-23 और 2023-24 में NTA की आमदनी और खर्च में तेजी से वृद्धि हुई है। परीक्षाओं का दायरा भी बढ़ा है, जबकि लागत में इजाफा हुआ है। NTA के सामने स्थायी स्टाफ की कमी की चुनौती है, क्योंकि अधिकांश कार्य कॉन्ट्रैक्ट, आउटसोर्सिंग और अस्थायी स्टाफ पर निर्भर हैं। यह तब हो रहा है जब NTA हर साल लाखों छात्रों की महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित करती है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार पेपर लीक की घटनाएं भी हुई हैं।