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NEET पेपर लीक पर राघव चड्ढा का बयान: सरकार की सख्त कार्रवाई

दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में राघव चड्ढा का नाम प्रमुखता से उभरा। उन्होंने सरकार की ओर से छात्रों के समर्थन में बात की और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की बात कही। चड्ढा ने प्रधानमंत्री के गार्जियन की तरह कार्य करने की सराहना की और छात्रों की मेहनत को ध्यान में रखते हुए पेपर लीक के गंभीर परिणामों पर चर्चा की। जानें इस मुद्दे पर और क्या कदम उठाए गए हैं।
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राघव चड्ढा का प्रदर्शन में नाम

दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित आंदोलन में राघव चड्ढा का नाम प्रमुखता से लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने 'राघव चड्ढा लापता' और 'कहां हैं राघव चड्ढा' जैसे पोस्टर प्रदर्शित किए। अब, भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद, राघव चड्ढा ने NEET पेपर लीक पर सरकार का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मुद्दे से निपटने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।


छात्रों के समर्थन में राघव चड्ढा

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने छात्रों के हित में बोलते हुए कहा कि सरकार ने उनकी समस्याओं को सुना है और उनकी मांगों पर कार्रवाई की है। उन्होंने पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल 2026 पर चर्चा के दौरान यह बात कही, जो पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त कानून लाने का प्रस्ताव है.


पेपर लीक का स्थायी समाधान

राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद, BJP:-
पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा। जैसे कैंसर का इलाज केवल दवा से नहीं किया जा सकता, वैसे ही पेपर लीक का समाधान केवल मीडिया की बातों से नहीं किया जा सकता। आपका गुस्सा सही है, और परीक्षा प्रणाली में जो समस्याएं हैं, वे वास्तविक हैं।


प्रधानमंत्री का गार्जियन की तरह कार्य

राघव चड्ढा ने कहा, 'जब आपने अपनी समस्याएं बताई, तो प्रधानमंत्री ने सबकी बातें सुनीं और गार्जियन की तरह सिस्टम में बदलाव किया। हमारी सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ एक नया ढांचा पेश किया है। जब छात्रों की बात आई, तो सरकार ने ध्यान दिया और कार्रवाई की।'


छात्रों की मेहनत और पेपर लीक

राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद, BJP:-
जब छात्र NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, तो केवल वे ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार तैयारी करता है। मां अपनी जरूरतें छोड़ देती हैं, पिता कर्ज लेते हैं। छात्र दिन में 18-18 घंटे पढ़ाई करते हैं। परिवार से दूर रहकर छात्रों की कोई सामाजिक जिंदगी नहीं होती। लेकिन पेपर लीक होने से सब कुछ बर्बाद हो जाता है।


पेपर लीक के बाद की स्थिति

NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा फिर से आयोजित की गई। सीबीआई जांच शुरू हुई, और विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने 75 दिनों में चार्जशीट दाखिल की। दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी 30 से अधिक दिनों तक डटे रहे, और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बाद में इस्तीफा दिया।


अब, छात्रों पर 20 जुलाई को हुए हंगामे और बाद के प्रदर्शनों में दर्ज हिंसा के मामलों को वापस लिया जा रहा है। NEET के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जा रहा है। सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया है, जिसमें सजा को सख्त किया गया है। यह विधेयक दोनों सदनों में पारित हो चुका है। पेपर लीक करने वालों को 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।