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NEET यूजी परीक्षा परिणाम पर छात्रों की बढ़ती चिंताएं और NTA की चेतावनी

NEET यूजी परीक्षा के परिणामों के बाद छात्रों में चिंता का माहौल है। कई छात्रों ने शिकायत की है कि उन्हें अपेक्षित अंक नहीं मिले हैं। NTA ने चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र नकली ओएमआर शीट प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जानें इस मामले में क्या हुआ और छात्रों की शिकायतों का क्या है सच।
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छात्रों की शिकायतें और NTA की प्रतिक्रिया

NEET यूजी परीक्षा के परिणामों के बाद, छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। डॉ. राजेश कुमार सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी समस्या साझा करते हुए कहा कि उनके बेटे की ओएमआर शीट के अनुसार उसे 660 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन परिणाम में उसे केवल 116 अंक मिले हैं। उनके पास इस बात के ठोस सबूत हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र या उनके अभिभावक जांच के लिए नकली या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाई गई ओएमआर शीट प्रस्तुत करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


छात्रों की शिकायतों का बढ़ता सिलसिला

देश के विभिन्न हिस्सों से कई छात्रों ने यह शिकायत की है कि उन्होंने वेबसाइट से जो ओएमआर शीट डाउनलोड की थी, उसमें उनके अंक अधिक थे, जबकि परिणाम में उन्हें कम अंक मिले हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मेहनत के अनुसार उन्हें अंक नहीं मिले। इस मुद्दे के सामने आने के बाद, कई अन्य माता-पिता भी सामने आए हैं और उन्होंने भी अपने बच्चों के परिणाम में समान त्रुटियों की बात की है।


NTA की जांच में क्या सामने आया?

NTA ने कहा है कि वे सभी शिकायतों की गहनता से जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान यह पाया गया कि कई ओएमआर शीट जो शिकायत के लिए प्रस्तुत की गई थीं, वे नकली थीं या AI की सहायता से बनाई गई थीं। एजेंसी ने सभी छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे केवल असली दस्तावेज ही वेबसाइट पर जमा करें। ओएमआर शीट की जांच और उस पर अपनी बात रखने का अवसर 13 से 15 जुलाई के बीच था।


अलग-अलग ओएमआर शीट के मामले

पुणे और बीड जैसे शहरों से कई छात्रों ने बताया है कि उन्हें दो अलग-अलग ओएमआर शीट दिखाई गई हैं। पुणे के एक छात्र ने कहा कि उसे 13 जुलाई को एक ओएमआर शीट मिली थी जिसमें उसके 707 अंक थे, लेकिन 15 जुलाई को मिली शीट में केवल 217 अंक आए। वहीं, बीड के एक छात्र ने शिकायत की कि उसे 522 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन उसे केवल 95 अंक मिले। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों से भी ऐसी कई शिकायतें आई हैं जहां ओएमआर शीट और परिणाम के बीच असंगति है।


शिकायतों के कारण

इबतेशम नाम की एक छात्रा ने शिकायत की है कि उसकी ओएमआर शीट में ऐसे प्रश्न भी भरे हुए दिखाए गए हैं जिन्हें उसने नहीं छुआ था। उसने 12 प्रश्न खाली छोड़े थे, लेकिन NTA द्वारा अपलोड की गई शीट में वे सभी भरे हुए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के अवनीश श्रीवास्तव के पिता ने आरोप लगाया कि उन्हें जो ओएमआर शीट ईमेल पर मिली, उस पर किसी अन्य छात्र 'अजीत सिंह' का नाम था।