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NIA Secures Non-Bailable Warrant Against Hafiz Saeed in Pahalgam Terror Attack Case

The National Investigation Agency (NIA) has achieved a significant legal milestone by securing a non-bailable warrant against Hafiz Saeed, the mastermind behind the Pahalgam terror attack that resulted in the deaths of 26 civilians. The Jammu court's decision follows NIA's supplementary charge sheet, which identifies Saeed as a key figure in the attack. Currently residing in Pakistan, Saeed's extradition to India appears unlikely, prompting the agency to initiate legal proceedings to declare him a fugitive. This article delves into the details of the case and the implications of this legal action.
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Significant Legal Progress in Pahalgam Terror Attack Investigation

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संदर्भ में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है। जम्मू की एक अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई एनआईए की याचिका पर की गई, जिसमें हाफिज सईद को इस हमले का मास्टरमाइंड बताया गया है, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी।


एनआईए ने 10 जुलाई को अपनी पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद को आरोपी बनाया है। अदालत द्वारा वारंट जारी करने के बाद, उसके खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने का रास्ता भी साफ हो गया है।


जांच एजेंसी ने अदालत को सूचित किया है कि हाफिज सईद वर्तमान में पाकिस्तान में है और उसका भारत में प्रत्यर्पण संभव नहीं है। नए आपराधिक कानूनों के तहत फरार आरोपियों के खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने का प्रावधान है। अब हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।


एनआईए के अनुसार, पहलगाम हमले की साजिश पाकिस्तान में तैयार की गई थी, जिसमें हाफिज सईद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एजेंसी का कहना है कि पाकिस्तान से उसके प्रत्यर्पण की सभी कानूनी संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं।


इससे पहले, एनआईए की पहली चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों—सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी—को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी साजिद सैफुल्ला जट्ट का नाम भी आरोपियों में शामिल है। पहलगाम के बशीर अहमद और परवेज अहमद को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।


यह ध्यान देने योग्य है कि 22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। हमले के दौरान आतंकियों ने कथित तौर पर लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद गोलीबारी की थी।