NIA की कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क पर छापेमारी: 10 स्थानों पर कार्रवाई
NIA की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से संचालित आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। शनिवार को, एजेंसी ने कश्मीर के 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हैंडलर्स और घाटी में सक्रिय स्थानीय सहयोगियों के बीच संबंधों की जांच के तहत की गई। इस बीच, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ जम्मू की विशेष NIA अदालत ने नया गैर-जमानती वारंट जारी किया है। NIA ने अदालत को सूचित किया कि सईद पाकिस्तान में मौजूद है और कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को वित्तीय और भौतिक सहायता प्रदान कर रहा है।
NIA की टीमों की छापेमारी
NIA की टीमें एक साथ कई क्षेत्रों में पहुंचीं और संदिग्ध परिसरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर क्षेत्रों में केंद्रित रही। जांच एजेंसी का ध्यान उन लोगों और संपर्कों पर है, जिनका उपयोग सीमा-पार आतंकवादी नेटवर्क स्थानीय स्तर पर कर सकता है। NIA आमतौर पर संचार माध्यमों, डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच के जरिए नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करती है।
सीमा पार के हैंडलर्स से स्थानीय नेटवर्क तक की जांच
इस मामले में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू पाकिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क और जम्मू-कश्मीर में मौजूद संभावित स्थानीय सहयोगियों के बीच संपर्क है। NIA पहले भी कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा और अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े मामलों में ओवरग्राउंड वर्कर्स की भूमिका की जांच कर चुकी है। फरवरी 2026 में, NIA ने एक पुराने लश्कर मामले में कश्मीर में दो ओवरग्राउंड वर्कर्स को आतंकियों को पनाह, भोजन और लॉजिस्टिक सहायता देने के आरोप में दोषी ठहराने की जानकारी दी थी।
NIA की कार्रवाई का दायरा
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ NIA की कार्रवाई केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रही है। एजेंसी ने पहले भी आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित संपत्तियों को जब्त करने और संदिग्ध नेटवर्क के वित्तीय और लॉजिस्टिक ढांचे को कमजोर करने की कार्रवाई की है। जून 2026 में, NIA ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी साजिश से जुड़े एक मामले में बारामूला की संपत्तियों को अटैच करने की जानकारी दी थी।
