Nitin Gadkari की नाराजगी: मुंबई-गोवा हाईवे के काम में देरी पर उठे सवाल
नई दिल्ली में गडकरी की कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पूरा करने में इतना समय लगना अत्यंत शर्मनाक है। गडकरी ने स्पष्ट किया कि जब यह हाईवे तैयार होगा, तब वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे।
गोवा यात्रा के दौरान हाईवे का निरीक्षण
पणजी के निकट पोरवोरिम में एक छह लेन वाले एलिवेटेड रोड का उद्घाटन करने के बाद, गडकरी ने बताया कि वह अक्टूबर में मुंबई एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे। इस दौरान वह स्वयं हाईवे का निरीक्षण करेंगे और देखेंगे कि यात्रियों को इसका कितना लाभ मिल रहा है।
ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना
गडकरी ने कहा कि वह सड़क परियोजनाओं में देरी और खराब कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के इच्छुक हैं। उनका उद्देश्य ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करना और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का रिकॉर्ड बनाना है।
परियोजना का इतिहास
मुंबई-गोवा हाईवे को चार लेन में परिवर्तित करने का कार्य 2011 में शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य 2016 तक पूरा करना था। इसका उद्देश्य मुंबई और गोवा के बीच यात्रा के समय को लगभग 12 घंटे से घटाकर 6 घंटे करना था। हालांकि, निर्धारित समयसीमा के बाद भी कई हिस्सों का कार्य अधूरा रह गया है।
सरकार के अनुसार, पनवेल से गोवा/महाराष्ट्र सीमा तक लगभग 485 किलोमीटर के हिस्से में अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। गडकरी के अनुसार, परियोजना अब लगभग 93-94 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।
देरी के कारण
इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियों, ठेकेदारों की समस्याओं और धीमी प्रगति जैसे कारणों से बार-बार देरी हुई है। कुछ हिस्सों में सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे हैं। मानसून के दौरान कई स्थानों पर गड्ढों और सड़क के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें आई हैं।
करीब 16,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई, कोंकण और गोवा के बीच यात्रा को सुगम बनाने की उम्मीद है, साथ ही यह पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को भी बढ़ावा दे सकती है।
