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Pakistan-Occupied Kashmir में आर्थिक संकट और भारत से मदद की अपील

Pakistan-Occupied Kashmir में अमन खान ने भारत से मदद की अपील की है, जहां स्थानीय लोग खाद्य सामग्री और दवाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने नियंत्रण रेखा खोलने की मांग की है, जबकि इस्लामाबाद ने क्षेत्र में आर्थिक नाकेबंदी लागू की है। जानें इस गंभीर स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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अमन खान की भारत से सहायता की मांग

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे तनाव के बीच, जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी के नेता अमन खान ने भारत के साथ बेहतर संबंधों की आवश्यकता जताई है। उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई के बाद, इस्लामाबाद ने इस क्षेत्र में आर्थिक नाकेबंदी लागू कर दी है। खान ने नई दिल्ली से मदद भेजने और नियंत्रण रेखा खोलने की अपील की है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, खान ने कहा कि हमें भारत की सहायता की आवश्यकता है। हमारे पास खाद्य सामग्री की कमी है और हमें आपकी मदद चाहिए। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के निवासियों को खाने-पीने की चीजों और दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि स्थानीय सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है।


कंट्रोल लाइन खोलने की मांग

ईदगाह मैदान में एकत्रित भीड़ को संबोधित करते हुए, अमन खान ने लोगों से नियंत्रण रेखा की ओर बढ़ने का आग्रह किया, जिस पर भीड़ ने बार-बार समर्थन में जवाब दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी लोगों की मांगों का जवाब गोलियों से देंगे, तो उनके पास अन्य विकल्प भी होंगे। जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी के नेता ने पुंछ और डोडा सेक्टर में नियंत्रण रेखा खोलने की भी मांग की। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीओके में मौजूदा राजनीतिक संकट स्थानीय लोगों और कमजोर क्षेत्रीय प्रशासन के बीच बड़े अंतर को दर्शाता है। यहां का प्रशासन पूरी तरह से इस्लामाबाद के नियंत्रण में है।


पाकिस्तानी अधिकारियों ने 5 जून को JAAC को गैर-कानूनी घोषित कर दिया और इसे आतंकवादी संगठन करार दिया, जिसके बाद पीओके में अशांति और बढ़ गई। इंटरनेशनल सेंटर फॉर पीस स्टडीज की हालिया रिपोर्ट में यह सामने आया है कि इस्लामाबाद लंबे समय से पाकिस्तान की मुख्यधारा की पार्टियों के माध्यम से इस क्षेत्र पर राजनीतिक नियंत्रण बनाए हुए है। इन पार्टियों ने पिछले दस वर्षों से सत्ता पर कब्जा कर रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद में सत्ताधारी पार्टी गिलगित-बाल्टिस्तान में लगातार चुनाव जीतती आ रही है।