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PGI रोहतक में छत गिरने से महिला घायल, सुरक्षा पर उठे सवाल

हरियाणा के रोहतक स्थित PGI में एक महिला मरीज पर छत का हिस्सा गिरने से वह घायल हो गई। यह घटना 22 दिन में दूसरी बार हुई है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानिए इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए गए हैं।
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PGI रोहतक में छत गिरने की घटना


PGI रोहतक में छत गिरने की घटना: हरियाणा के रोहतक में स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा PGIMS में एक बार फिर छत का एक हिस्सा गिर गया। यह घटना वार्ड नंबर 4 में हुई, जहां रात के समय एक महिला मरीज पर छत का लेंटर और प्लास्टर गिर गया। इस हादसे में महिला के हाथ में फ्रैक्चर होने की जानकारी मिली है। यह घटना महज 22 दिन के भीतर अस्पताल में छत गिरने की दूसरी घटना है। 14 सितंबर को भी गायनी वार्ड में छत का एक हिस्सा गिर चुका था। इन घटनाओं ने अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मलबा गिरने की घटना

एक महिला को उसके परिजनों ने 3 अक्टूबर को PGIMS में भर्ती कराया था। वह वार्ड नंबर 4 में थी और रात में अपने बेड पर लेटी हुई थी, तभी अचानक छत का एक हिस्सा उसके ऊपर गिर गया। मलबा गिरने की आवाज से वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। इस हादसे में महिला को चोट आई और उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद महिला का इलाज किया गया। परिजनों ने अस्पताल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, उनका कहना है कि यदि मलबा महिला के सिर पर गिरता तो जान का नुकसान हो सकता था।


पहले भी हुई थी ऐसी घटना

PGIMS में यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले 14 सितंबर को गायनी वार्ड-2 में भी छत का प्लास्टर और लेंटर का हिस्सा एक बेड पर गिर गया था। उस समय राहत की बात यह थी कि जिस बेड पर मलबा गिरा, उस पर कोई मरीज मौजूद नहीं था। हालांकि, पास के बेड पर एक महिला अपने नवजात बच्चे के साथ भर्ती थी। अचानक मलबा गिरने से वार्ड में हड़कंप मच गया था। उस घटना के बाद PGIMS प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया और मामले की जांच के आदेश दिए थे।


पुरानी इमारत की स्थिति पर सवाल

सितंबर की घटना के बाद आई रिपोर्टों में वार्ड की पुरानी इमारत और छत में नमी को लेकर चिंता जताई गई थी। अब वार्ड-4 में मरीज पर छत का हिस्सा गिरने की घटना ने अस्पताल की इमारतों के रखरखाव पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। PGIMS में छत का प्लास्टर गिरने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। जुलाई 2025 में वार्ड-3 के ड्यूटी रूम में छत का प्लास्टर गिरा था। इससे पहले जून 2025 में इसी वार्ड में भर्ती एक मरीज के सिर पर प्लास्टर गिरने से उसे गंभीर चोट आई थी।